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Lakhimpur Kheri News: न डॉक्टर न डाइटीशियन, कैसे दूर हो बच्चों का कुपोषण

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लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के 10 बेड के कुपोषण वार्ड में 11 बच्चे भर्ती हैं, लेकिन हालात यह है कि वार्ड में भर्ती बच्चों का कुपोषण दूर करने के लिए न तो बाल रोग विशेषज्ञ हैं और न ही डाइटिशियन।
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महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ ही चार्ट के अनुसार बच्चों को आहार दे रहे हैं। बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास उसके भोजन पर निर्भर है। बच्चे की सेहत के लिए भोजन में विटामिन, मिनरल, कैल्सियम, प्रोटीन, फाइबर आदि होना जरूरी है। इन सबकी कमी से बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। स्टाफ को यह भी बताने वाला कोई नहीं है कि कौन से खाद्य पदार्थ से बच्चों को आवश्यक पोषक तत्व मिलेंगे।

कुपोषण वार्ड में भर्ती बच्चे
डेढ़ वर्षीय रामकन्या पुत्री सुरेंद्र कुमार निवासी गुलराग्रंट, तीन वर्षीय अर्पिता पुत्री ईश्वर सिंह निवासी राजापुर, साढ़े पांच माह के अब्दुल कादिर पुत्र शकील अहमद निवासी हिदायतनगर, दो वर्षीय विनीता पुत्री रामचंद्र निवासी सपहा, ढ़ाई वर्षीय राज पुत्र पप्पू निवासी ईसानगर, दस माह के अंजुल पुत्र कमलाकांत निवासी सकरन, नौ माह के शिवांस पुत्री सोमेश अवस्थी मड़िया, दस माह के अदनान पुत्र कमाल निवासी मोहम्मदी, तीन वर्षीय जानवी एवं 15 माह के जानू पुत्रगण राहुल निवासी बौधीखुर्द, नौ माह के नैतिक पुत्र धीरज निवासी शहजादपुर।
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मार्च से नहीं हैं डाइटीशियन
कुपोषण वार्ड में डाइटीशियन के पद पर तैनात दिव्या चतुर्वेदी ने मार्च में इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद से अभी तक डाइटीशियन की तैनात नहीं हो सकी है। ऐसे में स्टाफ वार्ड में चस्पा चार्ट के अनुसार आहार देकर बच्चों का कुपोषण दूर कर रहा है।

समय से नहीं पहुंचता स्टाफ
कुपोषण वार्ड में भर्ती बच्चों की बेहतर देखरेख के भले ही भर्ती बच्चों की बेहतर देखरेख के दावे किए जा रहे हों, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। बृहस्पतिवार को सुबह ड्यूटी करने आई स्टाफ नर्स दोपहर दो बजे चली गई, लेकिन दो बजे ड्यूटी पर आने वाली स्टाफ नर्स करीब एक घंटे तक गायब रहीं। समय पर स्टाफ के न आने से बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
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