लखीमपुर खीरी। शहर के सात केंद्रों पर रविवार को नीट यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट आयोजित हुआ। केंद्र पर प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की जामा तलाशी ली गई। इतना ही नहीं हाथों में पहने हुए कलावा, लड़कियों के कान के कुंडल, अंगूठियां, मंगलसूत्र, जूते और ताबीज जैसी वस्तुएं उतरवा ली गईं। परीक्षा में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए कई स्तर पर जांच की गई। शहर के सात केंद्रों पर 3001 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।
शहर के राजकीय पॉलिटेक्निक सलेमपुर कोन, युवराज दत्त महाविद्यालय, आर्यकन्या इंटर कॉलेज, गुरुनानक इंटर कॉलेज, धर्मसभा इंटर कॉलेज, अबुल कलाम आजाद और राजकीय इंटर कॉलेज में परीक्षा हुई। इस परीक्षा के लिए 3001 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें से 2935 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
वहीं 66 अभ्यर्थियों ने किन्हीं कारणों के चलते परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा केंद्र पर 12 बजे से ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया जाने लगा था। किसी भी तरह की कोई लापरवाही न हो, इसके लिए डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, एसपी संकल्प शर्मा ने कई केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके अलावा एसडीएम, तहसीलदार की निगरानी करते रहे।
अभिभावकों में दिखा आक्रोश...बोले कलावा से क्या दिक्कत
परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे अभ्यर्थियों को गहन जामा तलाशी से गुजरना पड़ा। मेटल डिटेक्टर से पहले उनकी तलाशी ली गई। वहीं, अंदर फोटो लेकर उनका सत्यापन किया गया। बता दें कि केंद्र पर कलावा, ताबीज, मंगलसूत्र, कान के झाले, कुंडल पहनकर किसी को भी नहीं जाने दिया। जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने इन चीजों को पहले ही बाहर रखने की बात कही। इतना ही हाथ में बांधे गए कलावा को भी ब्लेड से कटवाया, तो कुछ अभिभावक आक्रोशित हो गए। हालांकि अधिकारियों ने उन्हें बातचीत से समझा लिया।
पेन पानी तक ले जाने की थी पाबंदी
परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षार्थियों को पेन के साथ ही पानी तक ले जाने अनुमति नहीं मिली। ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को पुलिसकर्मियों का कहना था कि ऊपर से निर्देश हैं कि कोई भी परीक्षार्थी कैंपस में पानी, पेन, कुंडल, चेन, हाई हील व जूते पहनकर नहीं जाएं। हालांकि अधिकारियों का दावा था कि केंद्र पर ही यह सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
परीक्षा केंद्र जीआईसी में नीट परीक्षा देने आए छात्रों की हो रही तलाशी। संवाद
परीक्षा केंद्र जीआईसी में नीट परीक्षा देने आए छात्रों की हो रही तलाशी। संवाद