लखीमपुर खीरी। विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की नजर मुस्लिम मतदाताओं पर टिकी है। कोई मुस्लिम मतदाताओं के ध्रुवीकरण की कोशिश में लगा हुआ है तो कोई मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने की जुगत में है, लेकिन मुस्लिम मतदाताओं के अपने मुद्दे हैं। वे बेहतर शिक्षा संसाधन, सुरक्षा संसाधन और रोजगार की गारंटी चाहते हैं।
मुस्लिम मतदाताओं से जब उनके मुद्दों पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुसलमानों को सभी राजनीतिक दलों ने छला है। किसी ने उनकी स्थिति को सुधारने का प्रयास नहीं किया। कुछ मुसलमानों ने भाजपा सरकार की सराहना की तो कुछ ने आलोचना। धार्मिक मुद्दों पर मुखरता दिखाई तो जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी तरह के पक्षपात न होने की बात भी कही। अधिकांश ने कहा कि देश की गंगा जमुनी तहजीब बरकरार रहनी चाहिए। सभी के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा होनी चाहिए।
मोहम्मदी की शबाना आजमी कहती हैं कि चुनाव के दौरान पार्टियां जो घोषणापत्र जारी करती हैं। उन पर चुनाव के बाद अमल भी करें। तीन तलाक पर कानून बना कर भाजपा सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के लिए अच्छा काम किया है। महिलाओं के हकों की रक्षा की गई है। सरकार से अपेक्षा है महिला सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाए जाएं।
शिक्षिका अल्फा अंसारी कहती हैं कि पार्टियां अपनी नीतियों और सिद्धातों पर चुनाव लड़ें। जनता को मुफ्तखोरी की आदत डालना ठीक नहीं है। सभी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और अपने आसपास ही रोजगार मुहैया हों। महिलाओं की सुरक्षा के लिए अलग कानून बने, गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और सभी का काम मिले।
मगरेना के रफायत खां कहते हैं कि अधिकांश पार्टियों की कथनी-करनी में बड़ा अंतर है। मौजूदा सरकार ने जनहित की योजनाओं में किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया। राशन वितरण, किसान सम्मान निधि योजना आदि का लाभ सभी को बराबर दिया जा रहा है उसमें कोई भेद भाव नहीं है। भाजपा शासन में मुस्लिम सुरक्षित है।
सिकंद्राबाद के मदरसा संचालक सलमान रजा खान कहते हैं कि सरकार ने मदरसा आधुनिकीकरण की योजना बनाकर मदरसा शिक्षा को मुख्यधारा से जोड़ने की योजना बनाई थी जो सराहनीय है, लेकिन हालत यह है कि शिक्षकों को वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। सरकार ऐसी बने जो सभी के मौलिक अधिकारों की रक्षा करते हुए सबका विकास करे।
अमेठी जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना अब्दुल अजीज का कहना है कि जो मुल्क और कौम की तरक्की के लिए काम करे उसे तरजीह दी जानी चाहिए। मुल्क की अमन और खुशहाली पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। मुल्क में सदियों से चली आ रही गंगा-जमुनी तहजीब बरकरार रहे। रहनुमाओं की यह कोशिश होनी चाहिए।
निघासन विधानसभा क्षेत्र के रकेहटी गांव निवासी गुड़िया इदरीसी कहती हैं कि सरकार ऐसी बने जो किसी जाति धर्म में भेदभाव न करे। महिला शिक्षा और उन्हें रोजगार से जोड़ने का काम करे। कहा कि मुसलमान चाहते हैं कि उन्हे भी आगे बढ़ने का बराबर मौका मिले। धार्मिक आजादी बरकरार रहे।
कुकरा की छात्रा हिना परवीन का कहती हैं कि सरकार मुस्लिम छात्राओं को नौकरी दे और इस्लामी कानून में दखल न देे। हमें इंसाफ पसंद सरकार चाहिए। जो जाति-धर्म से ऊपर उठकर सभी के हित में काम करे। महिला शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे। साथ ही मुसलमानों के शैक्षिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने का प्रयास होना चाहिए।
कुकरा के मौलाना मोहम्मद हनीफ कासमी अलजामियातुल इस्लामिया दारुल उलूम के प्रबंधक एवं मस्जिद के इमाम का कहना है जो सरकार इस्लाम के अहम फरीजो में दखल न दें और अजान इस्लामी मदारीस नमाज रोजा हज जैसे अहम रुकुन पर पाबंदियां न लगाएं। इस्लाम और मुस्लिम का मुखालिफ न हो और इंसाफ पसंद हो। हिंदू मुस्लिम एकता की बात करे।
हिना परवीन- फोटो : LAKHIMPUR
सलमान रजा- फोटो : LAKHIMPUR
मौलाना अब्दुल अजीज- फोटो : LAKHIMPUR
गुड़िया इदरीशी- फोटो : LAKHIMPUR
अल्फा अंसारी- फोटो : LAKHIMPUR
रफायत अली- फोटो : LAKHIMPUR
शबाना आजमी- फोटो : LAKHIMPUR