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Lakhimpur Kheri News: 13 साल पहले की थी हत्या, अब उम्रभर की मिली सजा

Sat, 02 Aug 2025 11:55 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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लखीमपुर खीरी। ग्रामीण की धारदार हथियारों से हत्या करने के 13 साल पुराने मामले में एडीजे देवेंद्र नाथ सिंह ने दो हत्यारों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, वीर थाना क्षेत्र के बस्तौली गांव निवासी इसहाक 28 मई, 2012 की सुबह 8 बजे बकरियां चराने के लिए बाहर गए थे, तभी गांव के छोटे लाल ने अपने लड़कों के साथ मिलकर गांव के ही जिलेदार उर्फ़ खजांची तथा खिलाड़ी की मदद से मोहम्मद इसहाक पर धावा बोल दिया। इसहाक का पुत्र जलालुद्दीन उसे बचाने आया तो उसका सिर भी फोड़ दिया था।
हमले में बुरी तरह घायल मोहम्मद इसहाक को लेकर जब बिजुआ के सरकारी अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों के साथ ही छोटेलाल, खिलाड़ी और जिलेदार उर्फ खजांची के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
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सुनवाई के दौरान छोटेलाल की मौत हो गई। लिहाजा, जिलेदार उर्फ खजांची और खिलाड़ी पर मुकदमे की सुनवाई चल रही थी। जलालुद्दीन, इमामुद्दीन, डॉ अनिल कुमार हेड कांस्टेबल बद्ध सेन, डॉ राजकुमार गौतम, थानाध्यक्ष राजेश कुमार के बयान दर्ज कराए गए थे। शनिवार को फैसला सुनाते हुए एडीजे देवेंद्र नाथ सिंह ने खिलाड़ी और जिलेदार उर्फ खजांची को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई है।


गैर इरादतन हत्या में दस साल की कैद, जुर्माना भी



संवाद न्यूज़ एजेंसी



लखीमपुर खीरी। ग्रामीण को धारदार हथियारों से हमला करते हुए मौत के घाट उतारने के 11 साल पुराने मामले में एडीजे शैलोज़ चन्द्रा ने महिला हमलावर को दस साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।



बताते चलें कि पलिया थाना क्षेत्र के ग्राम खुशीपुर निवासी राजमंगल ने गांव के ही अनिरुद्ध को शराब पीकर गाली गलौज करने से मना किया था जिसमें कहासुनी हुई थी। इसी बात की रंजिश मानकर 7 दिसंबर 2014 को करीब 2:30 बजे अनिरुद्ध ने अपनी अपनी पत्नी ललमति और पुत्र धर्मेंद्र के साथ मिलकर रामसमुझ की लाही के खेत में घेर लिया और तलवार बगौड़ी से दौड़ा दौड़ाकर हमला करते हुए उसे मरणासन्न कर दिया। इस बीच शोर मचाने पर आस-पास के लोग और राज मंगल के परिवार वाले आ गए तो हमला करने वाले फरार हो गए। अदालत की सुनवाई के दौरान ही अनिरुद्ध की मौत हो गई। लिहाजा लालमति और उसके लड़के पर मुकदमा चला, सरकारी वकील की बहस सुनने के बाद शनिवार को अदालत ने फ़ैसला सुनाते हुए लालमति को दस साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है जबकि उसके पुत्र को नाबालिक पाते हुए उसकी पत्रावली अलग करते हुए किशोर अदालत में भेज दिया है।
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