अपने मकान को तोड़ते पीडि़त लोग। स्रोत संवाद
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बिजुआ। करसौर गांव में कटान से लगभग दस मकान शारदा नदी में समा चुके हैं। छह पर अब भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इनमें मनोहर, जगतपाल, श्रीकृष्ण, सूबेदार, रामसेवक और अनूप के घर शामिल हैं। इन लोगों के आधे से ज्यादा मकान कट चुके हैं। कुछ लोग अपने मकान तोड़कर मलबा ले जा रहे हैं।
उनका कहना है कि नदी का रुख देखकर लगता है कि इस साल गांव का अस्तित्व मिट जाएगा। शुक्रवार को नदी का कटान तेज था। शनिवार को नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान थोड़ा धीमा हो गया है। प्रधान भगौती प्रसाद ने बताया कि सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं की जा रही है।