फोटो :- बाईं ओर नवजात को गोद में लिए बैठी महिला। संवाद
- फोटो : पीपा पुल पर मौजूद ग्रामीणों की भीड़।
ओयल। चौकी क्षेत्र के अंतर्गत लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन पर एक ढाबे के पास स्थित इंद्रा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान प्रसूता की मौत हो गई। नवजात शिशु सुरक्षित है। अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए महिला के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों की शांत कराकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। इसके बाद हंगामा कर रहे परिजनों ने पुलिस पर भी कई आरोप गए।
थाना नीमगांव के अल्लीपुर गांव निवासी नसीमुद्दीन ने बताया कि उसकी पत्नी आशिया बानो (35) का प्रसव होना था। बुधवार को आशिया की तबीयत बिगड़ी तो वह लोग उसे लेकर लखीमपुर स्थित टाटा केयर नाम के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। आरोप है कि यहां प्रसव के नाम पर उनसे 45 हजार रुपये जमा करा लिए गए। ऑपरेशन के बाद आशिया ने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने आशिया व उसके नवजात बच्चे को ओयल स्थित इंद्रा नामक अस्पताल भेज दिया। कहा गया कि जच्चा-बच्चा का शेष इलाज वहीं किया जाएगा।
बृहस्पतिवार की सुबह भी आशिया की हालत ठीक थी, लेकिन शाम करीब तीन बजे आशिया की हालत बिगड़ने लगी। तब आशिया को देखने के लिए कोई डॉक्टर नहीं आया। अस्पताल में सिर्फ नर्सिंग स्टाफ ही मौजूद रहा, जिसे इलाज की कोई जानकारी नहीं थी। चिकित्सक के न आने पर आशिया ने शाम करीब सात बजे दम तोड़ दिया। आशिया की मौत होते ही अस्पताल का पूरा स्टाफ मौके से भाग गया।
महिला की मौत व अस्पताल कर्मियों को भागता देख गुस्साए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची डायल 112 सहित ओयल व थाना खीरी पुलिस ने परिजनों को समझाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। पीड़ित परिजनों ने पुलिस पर जबरन महिला के शव को परीक्षण के लिए भेजने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को शव सौंप दिया गया है। अस्पताल की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखा गया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - विवेक कुमार उपाध्याय, इंस्पेक्टर, थाना खीरी
फोटो :- बाईं ओर नवजात को गोद में लिए बैठी महिला। संवाद- फोटो : पीपा पुल पर मौजूद ग्रामीणों की भीड़।
फोटो :- बाईं ओर नवजात को गोद में लिए बैठी महिला। संवाद- फोटो : पीपा पुल पर मौजूद ग्रामीणों की भीड़।