लखीमपुर खीरी। बृहस्पतिवार को आई आंधी से शहर के साथ ही करीब 1500 गांवों की बिजली ठप हो गई थी। शनिवार को पूरे दिन कर्मचारी फॉल्ट ठीक करने में जुटे रहे। अधिकांश गांवों की बिजली दुरुस्त हो गई है मगर अब भी 300 से अधिक गांव के हजारों उपभोक्ता परेशान हैं। 48 घंटे से यहां के लोग बिजली बिन रह रहे हैं। सिंचाई का संकट भी गहरा गया है।
बेहजम, महेवागंज, गोला, कैमहरा, भदूरा फीडर, लकेसर फीडर, कैमहरा, रुकुंदीपुर, ओदरहना आदि फीडर के 300 से अधिक गांवों में अब भी तार और खंभे टूटे पड़े हैं। कई गांव ऐसे हैं, जहां अभी तक बिजली दुरुस्त करने का काम ही शुरू नहीं हो सका। ऐसे में उन गांवों में सप्लाई कब चालू होगी, कुछ भी पता नहीं है। भीषण गर्मी में बिजली न मिलने पर ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।
तीसरे दिन भी 50 से ज्यादा गांव अंधेरे में
महेवागंज। शहर से सटे बनवारीपुर विद्युत सब स्टेशन से देहात लाइन जुड़ी है। आंधी में पेड़ गिरने से 33 हजार केवीए मेन लाइन के सात खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे। फूलबेहड़, ज्ञानपुर, सिंगारपुर और बनवारी पुर सहित चार फीडर के 50 से अधिक गांवों में बिजली बाधित है। 10500 उपभोक्ता बिजली को तरस रहे है। बनवारीपुर उपकेंद्र के जेई अमित कुमार ने बताया कि देर शाम तक मेन लाइन में करंट दौड़ने की उम्मीद है। इसके बाद 11 हजार और एलटी लाइन पर काम किया जाएगा। संवाद
हैदराबाद और गोला फीडर के 62 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप
ममरी। पेड़ गिरने और पोल टूटने से हैदराबाद फीडर लाइन से जुड़े करीब 25-30 गांव और गोला फीडर से जुड़े 32 गांवों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। इन लाइनों की सप्लाई तीसरे दिन भी बहाल नहीं हो पाई है। तीन दिन से अंधेरा पसरा है। लोग गर्मी से बेहाल हो रहे हैं। मोबाइल तक बंद पड़े हैं। गोला फीडर के जेई मिथिलेश यादव ने बताया कि दो दिन की कड़ी मशक्कत के बाद कंजा तक लाइन ठीक हो पाई है। पूरी लाइन ठीक करने में दो दिन और लगा सकते हैं। हैदराबाद फीडर के जेई पवन कुमार पांडे ने बताया कि पूरी लाइन रविवार तक ठीक हो पाएगी। गोला एसडीओ विनीत वर्मा ने बताया कि लाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है। रविवार तक पूरे क्षेत्र में सप्लाई बहाल होने की उम्मीद है। संवाद
तीसरे दिन भी गुल रही 60 गांवों की बिजली
फरधान। क्षेत्र के कैमहरा उपकेंद्र से जुड़े लगभग 60 गांवों में पिछले 48 घंटों से बिजली आपूर्ति बंद है। आपूर्ति ठप होने से लोग गर्मी से बेहाल है। ग्रामीण सिंचाई तक नहीं कर पा रहे हैं। सरकारी दफ़्तरों, बैंकों, थाने और अस्पताल में जेनरेटर चलाकर काम किया जा रहा है। इनमें कैमहरा, भदूरा, गुठना बुजुर्ग, फत्तेपुर, शंकरपुर, धौरहरा खुर्द, पचपेड़वा, गणेशपुर, परसेहरा बुजुर्ग, अटवा, बम्हयारपुर, किशनपुर, लखनियापुर, ओदरहना, रुकुंदीपुर, मन्योरा, जगन्नाथपुर,लालपुर, पीरपुर आदि गांव की बत्ती गुल है। 72 घंटे से आपूर्ति बहाल न होने से लोग बेहाल है। जेई राकेश कुमार ने बताया आंधी में सैकड़ों पेड़ गिर गए। जिसकी वजह से पूरी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। बिजली कर्मचारी लगातार जुटे हुए हैं। संवाद
बेहजम के एक दर्जन से अधिक गांवों की बत्ती गुल
बेहजम। कालाआम फीडर के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में 48 घंटे बाद भी बिजली सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। इसमें रूकनापुर, पिपरा उद्यान, कुमरिया, टीकर, मूड़ामामू, कैमरा खादर, हसनपुर, लीलाकुआं, कैमासुर आदि गांव हैं, जहां के उपभोक्ता भीषण गर्मी से बेहाल है। संवाद