लखीमपुर खीरी। विधान परिषद सदस्य पद के लिए चल रही नामांकन प्रक्रिया में मंगलवार को जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में दिनभर हंगामे की स्थिति बनी रही। समाजवादी पार्टी की ओर से एमएलसी पद के लिए पूर्व जिला अध्यक्ष अनुराग वर्मा ने दावेदारी पेश की थी। नामांकन पत्र पर आपत्ति सुनने के बाद डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने सपा उम्मीदवार का नामांकन निरस्त कर दिया है।
भाजपा की ओर से अनूप गुप्ता के नामांकनपत्र के साथ ही समाजवादी पार्टी की ओर से अनुराग वर्मा ने अपना नामांकन दाखिल किया था। नामांकनपत्रों की जांच के दौरान भाजपा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश प्रताप सिंह चौहान और शैलेंद्र सिंह गौड़ ने सपा उम्मीदवार की ओर से दाखिल किए गए नामांकन पत्र को त्रुटिपूर्ण बताया और कहा कि नामांकनपत्र के साथ शपथपत्र नहीं लगाया गया है, जबकि अनुराग वर्मा की ओर से नामांकन पत्र के साथ नोटेरियल शपथ पत्र प्रस्तुत करने की बात कही गई।
उनकी ओर से अधिवक्ता हरजीत सिंह, योगेश सक्सेना, शशांक यादव और यदुवेंद्र वर्मा, सुरेंद्र कुमार ने सपा उम्मीदवार के नामांकन के साथ शपथपत्र दाखिल होने पर बहस की। भाजपा की ओर से यह आपत्ति उठाई गई कि नामांकन पत्र के साथ जो शपथपत्र लगाया गया है, उसे नोटरी के वकील संजय सिंह से प्रमाणित बताया जा रहा है, जबकि संजय सिंह नोटरी नहीं है। क्योंकि उनके नोटेरियल लाइसेंस का अभी तक नवीनीकरण नहीं हुआ है।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने एडवोकेट नोटरी संजय सिंह को तलब किया तो नोटरी वकील ने बताया कि उनकी ओर से नवीनीकरण की औपचारिकताएं पूरी की गई हैं लेकिन शासन से अभी तक उनकी नोटरी लाइसेंस का नवीनीकरण प्रकरण पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सपा उम्मीदवार और उनके समर्थकों की ओर से इसी बात पर जोर दिया गया कि नोटरी का नवीनीकरण निरस्त नहीं किया गया है, ऐसे में उसे वैध माना जाना चाहिए जबकि भाजपा की ओर से उनके शपथपत्र के साथ प्रस्तुत नोटरी प्रमाणपत्र को अवैध बताया गया।
क्योंकि नोटरी करने वाला वैध लाइसेंस नहीं रखता है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसे शाम 8:00 बजे सार्वजनिक करते हुए सपा उम्मीदवार का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया है।
अब एमलसी पद के लिए सिर्फ दो प्रत्याशी मैदान में - खीरी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी पद के लिए भाजपा प्रत्याशी अनूप गुप्ता और सपा उम्मीदवार अनुराग वर्मा समेत चार लोगों ने अपने नामांकन दाखिल किए थे। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान सपा प्रत्याशी अनुराग वर्मा और निर्दलीय उम्मीदवार नवनीत शुक्ला का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया है।
इस तरह अब केवल दो उम्मीदवार भाजपा के अनूप गुप्ता और निर्दलीय उम्मीदवार नरसिंह चुनाव मैदान में रह गए हैं। 24 मार्च को नामांकन वापसी की तिथि निर्धारित है। यदि एक भी उम्मीदवार नाम वापस लेता है तो दूसरे उम्मीदवार का निर्विरोध चुना जाना तय है। अन्यथा की स्थिति में नौ अप्रैल को मतदान होगा।
भाजपा ने खुशी का इजहार किया तो सपा कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा - शाम आठ बजे जैसे ही डीएम ने सपा उम्मीदवार अनुराग वर्मा का नामांकन पत्र खारिज होने की घोषणा की तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने जीत की खुशी मनानी शुरू कर दी। इस बीच सपा कार्यकर्ताओं ने भी कलक्ट्रेट परिसर में जमकर हंगामा किया। यह हंगामा काफी देर तक चलता रहा। इस बीच कलक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सपा कार्यकर्ताओं ने साजिशन नामांकन निरस्त करने का आरोप लगाया है।
भाजपा के दबाव में नामांकन निरस्त करने का आरोप - समाजवादी पार्टी से एमएलसी प्रत्याशी अनुराग वर्मा ने बताया कि उनका नामांकन भाजपा के दबाव में निरस्त किया गया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार दोपहर 11 बजे कहा गया था कि भाजपा प्रत्याशी का आरोप है कि शपथ पत्र की नोटरी करने वाले का लाइसेंस नवीनीकृत नहीं हैं।
यह भी कहा गया था कि इस स्थिति में पर्चा निरस्त नहीं हो सकता। तीन बजे तक दूसरा शपथपत्र जमा कर दें। इसपर 12:45 बजे दोबारा शपथ पत्र जमा कर दिया। इसके बाद भी पर्चा निरस्त कर दिया गया। कलक्ट्रेट में बिना नवीनीकृत नोटरी हो रही है तो इसके लिए जिला प्रशासन दोषी है।