हंगामे के बीच हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक
पिछली बैठक में ‘दो कौड़ी का कहने पर’ घेरे गए निघासन विधायक, बाद में स्थिति स्पष्ट करने पर शांत हुए सदस्य
गन्ना उतराई पर पैसा लेने पर डीसीओ से मांगा जवाब
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक शनिवार को हंगामे के बीच संपन्न हुई। सदस्यों ने विकास कार्यों में सौतेले व्यवहार का आरोप लगाया तो गन्ना उतारने पर सेंटरों पर पैसा लिए जाने की बात कहते हुए डीसीओ समेत अधिकारियों को घेरा। सदस्यों ने मनरेगा के तहत कार्य न कराए जाने पर भी हंगामा किया और पिछली बैठक में दो कौड़ी की संज्ञा दिए जाने पर निघासन विधायक केजी पटेल को भी घेरा और उनसे सदन से माफी मांगने को कहा।
जिला पंचायत अध्यक्ष बंशीधर राज की अध्यक्षता में हुई बैठक की कार्र्यवाही सचिव और अपर मुख्य अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने शुरू की। पिछली कार्यवाही की पुष्टि सदन ने की। इसके बाद कुछ सदस्यों ने कहा कि बजाज की चीनी मिलें 14 दिन बाद भी गन्ना भुगतान नहीं कर रही हैं। डीसीओ जगदीश चंद्र यादव ने सहकारी मिलों की भुगतान की स्थिति ठीक बताने पर सदस्यों ने निजी मिलों को दुरुस्त करने की मांग उठाई। साथ ही सदस्यों ने सेंटरों पर गन्ना उतरवाई पर पैसा वसूली को लेकर हंगामा कर दिया। इस पर डीसीओ ने कोई वसूली न होने देने का आश्वासन दिया। इसके बाद सदस्यों ने राशन कार्डों में अनियमितता का मुद्दा उठाया। इस पर डीएसओ ने राशन कार्ड संबंधी समस्याएं दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया। सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र में मनरेगा से विकास कार्य कराए जाएं। इसी बीच सदस्यों ने इस बात पर हंगामा कर दिया कि पिछली बैठक में निघासन विधायक केजी पटेल ने सदस्यों को दो कौड़ी की संज्ञा दी थी, इसलिए वह सदन से माफी मांगे। जिला पंचायत सदस्य डॉ नरेंद्र सिंह, मिथलेश सिंह और संदीप वर्मा का तर्क था कि निघासन के विधायक ने अधिकारियों को दो कौड़ी का कहते हुए उन्हें मंच पर बैठाने का विरोध किया था। उनका कहना था उन्हें सदस्यों के साथ मंच के सामने बैठाया जाए। सदस्यों ने कहा कि क्या सामने बैठने वाले सभी दौ कौड़ी के होते हैं? निघासन विधायक ने यह कहकर उन्हें भी दो कौड़ी का बता डाला था, क्योंकि सभी सदस्य मंच के सामने पड़ी कुर्सियों पर ही बैठते हैं। सदस्यों ने कहा, सदन के अपमान पर निघासन विधायक माफी मांगे। हंगामा होते देख निघासन विधायक ने कहा कि उन्होंने दौ कौड़ी जैसा शब्द का प्रयोग नहीं किया। यह जिसने कहा गलत है। इस पर सभी सदस्य शांत हो गए। बैठक में श्रीनगर विधायक रामसरन, महेंद्र सिंह, मिथलेश सिंह, लल्लन वर्मा सहित सभी सदस्य और क्षेत्र पंचायत प्रमुख मौजूद रहे।
10 हजार में किराए पर दिया जाएगा सभागार
सदन में यह भी प्रस्ताव पास किया गया कि जिला पंचायत सभागार किसी भी संस्था अथवा व्यक्ति को प्रतिदिन दस हजार रुपये के किराये पर दिया जा सकता है।
संसद में उठाएंगे व्यवस्था का मुद्दा
राज्य सभा सदस्य रविप्रकाश वर्मा ने सदन में मनरेगा, गन्ना किसानों की समस्याओं और रोजगार सृजन की बाबत सदस्यों की जिज्ञासाओं का उत्तर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को ठीक करने के लिए
टेक्निकल स्वीकृति न करा पाने का भी हुआ विरोध
जिला पंचायत में राज्य वित्त आयोग से दस लाख रुपये से अधिक काम कराने के लिए टेक्निकल सेंशन (टीएस) की जरूरत होती है, लेकिन नए वित्तीय वर्ष के इतने महीने गुजर जाने के बाद भी यह स्वीकृति नहीं ली जा सकी। इस पर भी सदस्यों ने अपर मुख्य अधिकारी से जवाब मांगा। इस पर उन्होंने इसकी स्वीकृति कराने का आश्वासन दिया।
आमदनी कम होने पर भी घेरे गए पंचायत अधिकारी
सदस्यों ने कहा कि जिला पंचायत क्षेत्र में मेडिकल स्टोर, कोल्हू, परचून की दुकान, आटा चक्की सहित सभी लघु उद्योगों का रजिस्ट्रेशन होता है, लेकिन अधिकारी उनका पंजीकरण न करके अपनी जेबें भरते हैं। इससे जिला पंचायत की आमदनी प्रभावित होती है। सदस्यों ने अधिकारियों को इन मुद्दों पर भी घेरा।