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किसानों को इंकार, बिचौलियों का धान हुआ स्वीकार

Sun, 07 Feb 2016 07:44 PM IST
लखीमपुर खीरी।
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खरीफ विपणन वर्ष 2015-16 में मूल्य समर्थन योजना के तहत किसानों से सीधे धान खरीद एक अक्तूबर 2015 से शुरू हुई, जिसमें 110 क्रय केंद्र बनाए गए। नौ एजेंसियों को धान खरीद में शामिल किया गया, जिन्हें किसानों से 1,29,640 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला। शुरुआत में धान में नमी का पेंच किसानों को हलकान करता रहा, तो केंद्र प्रभारियों ने भी किसानों से धान खरीदने में रुचि नहीं दिखाई। इससे अक्तूबर में करीब 1046 मीट्रिक टन धान खरीद हो सकी। इसके बाद सरकारी खरीद में 50 आढ़तियों को शामिल किया गया, तब दिसंबर 2015 तक धान खरीद का आंकड़ा 91 हजार मीट्रिक टन पहुंच गया। इस दौरान गन्ना मूल्य भुगतान न मिलने से आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों ने बिचौलियों के हाथों औने-पौने दामों पर मजबूरन धान बेच डाला।
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इसके बाद सरकारी धान खरीद के आंकड़ों में एकाएक तेजी देखने को मिली है। पांच जनवरी 2016 तक 92,800 मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जिसमें आढ़तियों ने ही 55,993 मीट्रिक टन धान खरीद की है। जबकि 110 केंद्रों के माध्यम से नौ सरकारी एजेंसियों ने 36,806 मीट्रिक टन धान खरीदा। ठीक एक माह बाद यानी पांच फरवरी 2016 तक के आंकड़ों पर गौर करें तो यह चौंकाने वाले हैं, क्योंकि इस दौरान एजेंसियों और आढ़तियों ने मिलकर लक्ष्य के बैरियर को क्रास करते हुए एक लाख 72 हजार 475 मीट्रिक टन धान खरीद डाला है। इसमें खास यह हैै कि सरकारी एजेंसियों ने 48,908 मीट्रिक टन धान खरीदा है, तो आढ़तियों ने एक लाख 23 हजार 567 मीट्रिक टन धान खरीदा है।
20,142 किसान ही बेच सके धान
जिले में अब तक 20,142 किसानों ने धान बेचा है, जिसमें 4869 किसान ही सरकारी एजेंसियों पर धान बेच सके, जबकि आढ़तियों ने 15,273 किसानों का धान खरीद डाला। यह आंकड़े भी पुष्टि करते हैं कि सरकारी एजेंसियों 110 केंद्र खोलने के बावजूद खरीद नहीं बढ़ी, वहीं करीब डेढ़ माह बाद मैदान में आए 50 आढ़तियों ने सरकारी एजेंसियों को काफी पीछे धकेल दिया।
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जिला खाद्य विपणन अधिकारी अर्जुन प्रसाद पाठक बाोले, पहले 31 जनवरी तक धान खरीद होनी थी, जिसके बाद शासन ने 29 फरवरी तक धान खरीद करने के आदेश दिए हैं। सभी एजेंसियां और आढ़तियों को सिर्फ किसानों से धान खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कोई शिकायत या गड़बड़ी मिलती है, तो जांच कराई जाएगी।
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