सत्संग में समाजसेवी राजेश दीक्षित ने कहा कि हमारा काम सर्वत्र दिखना चाहिए। हमारे सारे स्नान पर्व भीषण ठंड में पड़तेे हैं जो हमारे अंदर अदम्य जिजीविषा एवं संकल्प शक्ति का निर्माण करते हैं। मौनी अमावस्या के महत्व पर वह बोले कि यह जीवन की विषमताओं से न घबराने और चुनौतियों का दृढ़ता के साथ सामना करने का संदेश देती है। उन्होंने कहा दान हमेशा सुपात्र को देना चाहिए। सत्संग में राजकुमार त्रिवेदी, शिवकांत मिश्रा, हरिनाम सुंदर त्रिपाठी, उमाचरण पांडे, दिलीप जायसवाल, सियाराम त्रिवेदी, ज्वाला प्रसाद गुप्ता, हरिशंकर पांडे सहित तमाम लोग उपस्थित थे।