- गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज का है मामला
- एफएसडीए टीम ने खाद्य सामग्री के भरे नमूने
गांधी विद्यालय इंटर कालेज में शनिवार को मिड-डे मील खाते ही छात्र पेट दर्द से कराह उठे। छात्रों को पेट दर्द कॉलेज में अफरातफरी मच गई। सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई, जिस पर एसडीएम ने कॉलेज आकर पड़ताल की और डॉक्टर को बुलवाकर छात्रों की जांच कराकर उन्हें दवा दिलवाई। उधर, एसडीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग (एफएसडीए) की टीम ने सरनापुरम स्थित मिड-डे मील बनाने वाले एनजीओ की रसोई पर छापा मारकर आटा, चावल, दाल और जीरा आदि के नमूने लिए। उधर, छात्रों द्वारा पेट दर्द की शिकायत किए जाने पर कॉलेज में मिड-डे मील लेकर आने वाले युवक ने शेष बचे खाने को नाली में फेंक दिया और वहां से फरार हो गया।
गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज के कक्षा छह, सात एवं आठ के छात्रों को मिड-डे मील दिया जाता है। शनिवार को मिड-डे मील लेकर पहुंचे संतराम मेमोरियल एजूकेशनल सोसायटी के कर्मचारी ने छात्रों को खाना परोस दिया। बताते हैं कि इसको खाते ही छात्रों के पेट में दर्द होने लगी, जिससे कालेज स्टाफ में अफरातफरी मच गई। हालांकि शिक्षकों ने पेट दर्द से राहत दिलाने के लिए छात्रों को पुदीन हरा की गोली दी। इस पर पहुंचे एसडीएम सैमुअल पाल, तहसीलदार, नायाब तहसीलदार ने कक्षा आठ के छात्र आदित्य, सुमेश, सनी कुुमार, राम मोहन तिवारी एवं कक्षा छह के छात्र पवन सिंह, विकास एवं छात्रा पलक से खाने के बारे में जानकारी की, जिस पर छात्रों ने खाने में खट्टापन होने की बात बताई। एसडीएम ने जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. एसके सिंह ने छात्रों को दवा दिलवाकर घर भेजवाया। इस दौरान जीआईसी के प्रभारी प्राचार्य राजेंद्र कुमार आर्य, डीआईओएस कार्यालय के अनुज कुमार, बीईओ मुख्यालय सुरेश पाल, उत्तत पांडे आदि लोग पहुंच गए।
कॉलेज स्टाफ की उजागर हुई लापरवाही
छात्रों के पेट में उठी दर्द के मामले में कालेज स्टाफ की लापरवाही भी उजागर हुई है। बताते हैं मिड-डे मील प्राधिकरण की ओर से छात्रों को मिड-डे मील परोसे जाने से पहले उसका सैंपल निकालने और इसकी निगरानी के लिए गठित कालेज की टीम को इसे चखने के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन इसके बावजूद कालेज स्टाफ ने न तो सैंपल निकालकर रखा और न ही स्वयं इसे चखा ही।
पलक की बिगड़ी थी हालत
मिड-डे मील खाते ही कक्षा छह की छात्रा पलक के पेट में दर्द होने लगी और उसका उल्टी जैसा लगने लगा। जिस पर कालेज के प्रधानाचार्य श्रीराम गौतम ने उसे एक निजी अस्पताल में दिखवाकर दवा दिलवाई। इसके बाद कई अन्य बच्चों ने पेट दर्द की समस्या बताई थी।
एनजीओ द्वारा लाए गए खाने का सैंपल छात्रों के खाने से पहले निकालकर रखना होता है, यदि कालेज में सैंपल नहीं निकाला गया है तो यह घोर लापरवाही है। इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- डॉ.ओपी गुप्ता, डीआईओएस