लखीमपुर खीरी। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में एडीजे विष्णु देव सिंह ने आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए 10 साल के कठोर कारावास और दस हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 21 जनवरी 2016 को पसगवां थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी दोपहर दो बजे शौच के लिए गई थी, तभी नकटी गांव मेंे रहने वाला रामसुचित उसे गुड्डू के गन्ने के खेत में खींच ले गया। वहां धमकाकर उससे दुष्कर्म किया। बाद में जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया था। इस मामले में थाने पर कई बार दौड़ने पर भी सुनवाई नहीं हुई।
एसपी और उच्चाधिकारियों के आदेश भी पसगवां पुलिस ने रद्दी की टोकरी में डाल दिए, तब अदालती आदेश पर पसगवां पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। तफ्तीश के बाद पुलिस ने रामसुचित के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। करीब 10 सालों तक चली सुनवाई के दौरान गुड्डू, रामबेटी, अशोक, एसआई जयप्रकाश यादव, डाॅ. वीके वर्मा, डाॅ. यामिनी बादल और प्रधानाध्यापक अतीक अहमद के साथ पीड़िता ने भी बयान दर्ज कराए थे। अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाते हुए रामसुचित को दोष सिद्ध पाते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है।