अपने ही हाथों अपने घर तोड़ पलायन कर रहे ग्रामीण
हुलासपुरवा कटने के बाद सिंचाई विभाग ने रोका काम
तहसील क्षेत्र के ब्लाक ईसानगर अंतर्गत हटवा गांव में अब घाघरा ने कटान तेज कर दिया है। नदी को घरों की तरफ बढ़ता देख गांव के लोगों ने खुद अपने मकानों को तोड़ कर पलायन करना शुरू कर दिया है। बीते 24 घंटों में घाघरा ने सात घरों को निगल लिया। हुलासपुरवा गांव कटने के बाद सिंचाई विभाग ने यहां रोकथाम और बचाव का काम पूरी तरह रोक दिया है।
घाघरा नदी ने हुलासपुरवा को पूरी तरह उजाड़ने के बाद अब हटवा गांव में कटान तेज कर दिया है। गांव के बाहर लगे विशाल वृक्ष और खेतों को लीलने के बाद घाघरा नदी ने हटवा गांव की आबादी की ओर रुख किया है। बीते चौबीस घंटों में घाघरा इस गांव के सात घरों को निगल कर आगे बढ़ रही है। ग्रामीणों ने गांव को बचाने की गुहार जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक की लेकिन अब तक कोई भी उनकी मदद को नहीं आया है।
अपने ही हाथों ग्रामीण तोड़ रहे अपना घर
घाघरा की जद में आए 20 ग्रामीणों ने तिनका तिनका जोड़कर बनाए अपने घरों को अपने ही हाथों तोड़कर पलायन करना शुरू कर दिया है। घाघरा कटान की जद में आए हटवा के कृष्णमूर्ति, अवधेश, उपेंद्र कुमार, अरविंद कौशलेश, राजेंद्र, हुकुम चंद्र, रामगोपाल, अरुण कुमार, शैलेंद्र कुमार, जगत नरायण, पवन कुमार, शंभू दयाल, कौशल, पाचू सहित 20 लोगों ने अपने घरों को तोड़ कर अपनी गृहस्थी का सामान और घरों का मलबा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
कटान पीड़ितों को बांटे लंच पैकेट
क्षेत्र के खमरिया निवासी हाईकोर्ट के अधिवक्ता सतीश शर्मा ने हुलासपुरवा और हटवा के कटान पीड़ित परिवारों को लंच पैकेट वितरित किए। कटान आपदा देख उन्होंने इसे प्रशासन की घोर लापरवाही का नतीजा बताया।
हटवा गांव में सात घर कटने की सूचना मिली है। इसमें दो पक्के मकान हैं। लोग कटान के भय से अपने घरों को तोड़ने में लगे हैं। इस गांव को बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने काफी प्रयास किया लेकिन घाघरा की तेज धार के आगे काम नही हो पा रहा है। गांव में कटान पीड़ितों को जरीकेन और तिरपाल का वितरण किया जाएगा।
-नीरज प्रसाद पटेल, तहसीलदार धौरहरा