आरामदायक सफर का लुत्फ उठाएंगें यात्री
मैलानी। रेल प्रशासन की ओर से यात्रियों की बेहतर सुविधा के लिए ट्रेन नंबर 15009 और 15010 गोरखपुर-मैलानी-गोरखपुर एक्सप्रेस में आठ जून से कनवेशनल रैक के स्थान पर अत्याधुनिक लिंक होफमैन बु्श एलएचबी कोच लगाए जाएंगे, जिससे भविष्य में यात्रियों को पहले से ज्यादा आरामदायक सफर करने को मिलेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी गोरखपुर पंकज कुमार सिंह की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, गोरखपुर-मैलानी-गोरखपुर एक्सप्रेस में आठ जून से गोरखपुर से और नौ जून से मैलानी से एलएचबी कोच लगाए जाएंगे। इसके बाद रैक संरचना में परिवर्तन होगा। परिवर्तित रैक संरचना के अनुसार जनरेटर सह लगेज यान का एक, एसएलआरडी का एक, शयनयान श्रेणी के सात, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के पांच, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी का एक और वातानुकूलित प्रथम सह द्वितीय श्रेणी का एक कोच सहित कुल सोलह कोच लगाए जाएंगें।
क्या है एलएचबी कोच की खासियत
मैलानी। एलएचबी कोच जर्मनी में विकसित हैं और वर्ष 2000 में भारतीय रेल ने जर्मनी से 24 कोच आयात किए, जिन्हें अब तक शताब्दी एक्सप्रेस में लगाया गया है। वर्तमान में रेल कोच फैक्टरी कपूरथला में बन रहे हैं। इनकी तमाम खासियत हैं। ये स्टेनलेस स्टील के बने हैं। आईसीएफ कोच से 2.2 मीटर अधिक लंबे हैं। इस वजह से इनमेें दो अतिरिक्त चेयरकार और स्लीपर में एक अतिरिक्त वे बन जाता है। इनकी गति 160 किमी प्रति घंटा है, जबकि आईसीएफ कोच की गति 110 किमी प्रति घंटा है। इन कोच की हर ट्रॉली में नौ शॉक एब्जार्वर लगे होते हैं, जिससे यात्रा के दौरान कम जर्क लगता है। इनमें डिस्क ब्रेक का उपयोग होता है, जिससे कम समय और कम दूरी में रोका जा सकता है, इनमें जल्दी आग नहीं फैलती है। यदि किसी कारण आग लग जाए, तो फैलेगी नहीं, बल्कि आग को जल्दी काबू किया जा सकता है और ये यात्रा में बेहद आरामदायक हैं। इसके अलावा भी एलएचबी कोच में अन्य तमाम खूबियां है। लिहाजा गोरखपुर-मैलानी-गोरखपुर एक्सप्रेस के यात्रियों को जल्द ही आरामदायक सफर करने को मिलेगा।