- खेतों की ओर जाने से घबरा रहे किसान
- रेंजर ने भी की पुष्टि, किसानों से की सतर्क रहने की अपील
दुधवा टाइगर रिजर्व के निकट गांव इच्छानगर के पास गन्ने के खेत में छिपे बैठे तेंदुए ने दो बछड़ों को अपना निवाला बना लिया। क्षेत्र में तेंदुआ की चहलकदमी से किसानों और पशुपालकों में दहशत है। किसान खेतों में जाने से कतराने लगे हैं। सूचना पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी बेलरायां अशोक कुमार ने मौका मुआयना किया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
मंगलवार को गांव भैरमपुर निवासी कल्लू राम के दो बछड़े गांव इच्छानगर के पास चरने गए थे। इसी बीच पार्क सीमा से बाहर निकले तेंदुए ने दोनों बछड़ों पर हमला कर दिया और दोनों को खींचकर बाबूराम के गन्ने के खेत में ले गया और खा गया। घटना की जानकारी बुधवार की सुबह तब हुई जब ग्राम पंचायत मांझा के पूर्व प्रधान सम्पत पार्क के किनारे स्थित अपने खेत पर गए तो उन्हें छंगालाल के लाही के खेत में खून पड़ा दिखा। खून के साथ गन्ने की तरफ लाही में किसी चीज के घसीटे जाने के निशान दिखे। इसी बीच पास के गन्ने के अंदर कुछ आहट हुई, जिससे वह दहशत में आ गए। उन्होंने इसकी जानकारी वर्तमान प्रधान संतोष कुमार सहित अन्य ग्रामीणों को दी। इस पर बड़ी संख्या में ग्रामीण गन्ने के खेत के समीप पहुंचे तो खेत के अंदर से किसी जानवर के गुर्राने की आवाज आई, जिस पर हड़बड़ाए ग्रामीणों ने मामले की सूचना वन विभाग को दी।
सूूचना पर बेलरायां वनक्षेत्राधिकारी अशोक कुमार कश्यप टीम के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ गन्ने के खेत की कांबिंग की तो गन्ने के खेत में दो बछड़ों के अधखाये शव बरामद हुए। टीम ने गड्ढा खुदवाकर दोनों शव दफना दिए।
रेंजर ने बताया कि खेत में मिले पग चिह्न तेंदुए के हैं। इससे साफ है कि तेंदुए ने ही बछड़ों का शिकार किया है। उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वन टीम को रात में निगरानी करने के भी निर्देश दिए हैं।
बाघ ने बकरी को बनाया निवाला
कुकरा। मैलानी रेंज के ग्राम ढाका निवासी गोविंद का दस वर्षीय पुत्र गांव के निकट ही बरौछा नाला के किनारे बकरी चरा रहा था। इसी बीच झाड़ियों से निकलकर आए बाघ ने एक बकरी को अपना निवाला बना लिया। बाघ को देख चरवाहा डर गया और वह भागकर घर पहुंचा। मामले की जानकारी घर वालों को दी। गांव के तमाम लोग जब तक मौके पर पहुंचे तब तक बाघ जंगल की ओर जा चुका था।