शुक्रवार को दोपहर ढाई बजे एसआईटी की तरफ से विवेचक धीरेंद्र पांडेय ने चार आरोपियों के खिलाफ 1300 पन्नों की चार्जशीट और अंतिम रिपोर्ट को सीजेएम अदालत में दाखिल करते हुए बताया कि जेल में बंद सात आरोपियों में तीन आरोपी अवतार सिंह, रंजीत सिंह और सोनू उर्फ कमलजीत सिंह के खिलाफ कोई सबूत नहीं पाए गए।
तिकुनिया हिंसा के बाद कानून हाथ में लेकर तीन आरोपियों को पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने के मामले में एसआईटी ने लंबी जांच के बाद शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मामले में तीन आरोपियों के बेगुनाह साबित होने पर शुक्रवार देर शाम उन्हें जिला जेल से रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन
शुक्रवार को दोपहर ढाई बजे एसआईटी की तरफ से विवेचक धीरेंद्र पांडेय ने चार आरोपियों के खिलाफ 1300 पन्नों की चार्जशीट और अंतिम रिपोर्ट को सीजेएम अदालत में दाखिल करते हुए बताया कि जेल में बंद सात आरोपियों में तीन आरोपी अवतार सिंह, रंजीत सिंह और सोनू उर्फ कमलजीत सिंह के खिलाफ कोई सबूत नहीं पाए गए। विवेचक की ओर से तीनों आरोपियों की रिहाई करने की प्रार्थना की की गई। सीजेएम चिंताराम ने एसआईटी की ओर से दी गई अंतिम रिपोर्ट और मामले में दाखिल की गई चार्जशीट के अवलोकन के बाद अवतार सिंह, रंजीत सिंह, सोनू उर्फ कमलजीत सिंह को एक-एक लाख रुपये की कीमत का निजी मुचलका दाखिल करने पर रिहाई करने के आदेश दे दिये।
शाम को जेल भेजे गए रिहाई आदेश
तिकुनिया हिंसा कांड के क्रास केस मामले में जिला जेल में बंद अवतार सिंह, रंजीत सिंह, सोनू उर्फ कमलजीत सिंह के खिलाफ कोई सबूत न पाने के मामले में सीजेएम चिंताराम के आदेश पर देर शाम तीनों आरोपियों की ओर से एक लाख, एक लाख रुपए का निजी मुचलका दाखिल किया गया, जिसके बाद अदालत से तीनों आरोपियों की तत्काल रिहाई का आदेश देते हुए रिहाई परवाना जिला जेल खीरी को भेजा गया और देर शाम सात बजे क्रॉस केस में बंद तीनों आरोपियों को जेल से रिहा कर दिया गया।