लखीमपुर खीरी। बेहजम ब्लॉक में तैनाती के दौरान प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से लाखों रुपये वसूलने की आरोपी खंड प्रेरक को बर्खास्त कर दिया गया है। खंड प्रेरक को शौचालय बनवाने की जिम्मेदारी मिली थी। इसकी आड़ में पीएम आवास दिलाने का झांसा देकर करीब 70 लोगों से सात-सात हजार रुपये वसूले थे। जब लोगों को आवास नहीं मिला तो उसके खिलाफ शिकायत की गई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई है।
डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने बताया कि बेहजम ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुलचौरा में खंड प्रेरक नीतू सक्सेना ने लाभार्थियों को शौचालय दिलाए थे। इसके बाद प्रधान व ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास दिलाने का आश्वासन दिया। खंड प्रेरक की बातों पर भरोसा करके ग्रामीणों ने संपर्क किया तो आरोप है कि प्रत्येक ग्रामीण से आवास दिलाने केे नाम पर सात-सात हजार रुपये जमा कराए। इस तरह करीब 70 लोगों से 4.90 लाख रुपये जमा किए गए। प्रधान की मौजूदगी में रुपये कलेक्ट करके खंड प्रेरक को दिए गए थे। कुछ दिन बाद आवास आवंटन सूची प्रधान को दी गई, जो ब्लॉक में जांच के बाद फर्जी पाई गई। मामले का खुलासा होने पर प्रधान व प्रमुख ने डीपीआरओ समेत डीएम से शिकायत की। इसके बाद डीपीआरओ ने खंड प्रेरक से स्पष्टीकरण मांगा। जांच पूरी होने के बाद डीपीआरओ ने खंड प्रेरक को बर्खास्त करते हुए वापस आउटसोर्सिंग एजेंसी के पास भेज दिया है।