भैरमपुर गांव निवासी मंजीत के स्वागत के लिए परिवार के लोग सुबह से तैयारियों में जुटे रहे। भाई के स्वागत में बहनों ने आंगन में रंगोली सजाई। मां ने अपने हाथों से बेटे के लिए खाना बनाया। गांव के लोगों ने घर के बाहर टेंट लगवाया। मंजीत की मां चौधराइन ने कहा कि वो बेटे को अपने हाथों से खाना खिलाएंगी। बता दें कि मंजीत समेत 41 श्रमिक निर्माणाधीन टनल में दिवाली वाले दिन फंस गए थे। श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के लिए 17 दिन तक रेस्क्यू चला। 17वें सभी श्रमिकों को सुरंग से बाहर निकाला गया। इसके बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण हुआ, जिसमें सभी स्वस्थ पाए गए। इसके बाद वहां से रवाना किए गए थे।