फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur kheri Election Result: तिकुनिया हिंसा पीछे छोड़ जनता ने भाजपा पर बरसाई कृपा, यहां समझें सियासी गणित

Thu, 10 Mar 2022 11:44 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी 

सार

तिकुनिया हिंसा से सबसे ज्यादा जिले की आठ सीटों में तीन विधानसभा क्षेत्र पलिया, निघासन और धौरहरा प्रभावित हुए। इसके बाद भी यहां इस मामले का कोई असर नहीं दिखा। निघासन, पलिया और धौरहरा में भाजपा ने जीत दर्ज की है। 
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी में भाजपा की जीत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले की आठों सीटें भाजपा के पक्ष में जाने से यह साफ है कि देश और दुनिया भर में भले ही खीरी तिकुनिया हिंसा के लिए सुर्खियों में रहा हो, लेकिन इसका यहां कोई असर नहीं दिखा। बिना किसी लहर के पिछली बार की तरह इस बार लगभग बराबर का मत प्रतिशत रहा। भाजपा नेफिर से इतिहास दोहराया। कांग्रेस और सपा समेत बड़े नेताओं के दौरे के बावजूद वह वोटों को अपने पक्ष में मोड़ने में नाकाम रहे।

विज्ञापन


तिकुनिया हिंसा से सबसे ज्यादा जिले की आठ सीटों में तीन विधानसभा क्षेत्र पलिया, निघासन और धौरहरा प्रभावित हुए। इन तीन जगहों पर ही पिछले साल अक्तूबर में सबसे ज्यादा हलचल दिखाई दी। हिंसा के दौरान निघासन में एक पत्रकार, जबकि धौरहरा और पलिया से एक-एक किसान की मौत हुई थी। हिंसा की सुर्खियां देश-विदेश तक में सुर्खियां बनी थीं। 

किसान नेता राकेश टिकैत से लेकर तमाम संगठनों ने यहां का दौरा कर घटना में मुख्य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र को सजा व मंत्री की गिरफ्तारी के लिए आंदोलन किया। उधर, पीड़ित परिवार से मिलने और उन्हें न्याय दिलाने के लिये कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव से लेकर, छत्तीसगढ़ और पंजाब के सीएम ने भी इन्हीं तीन विधानसभा का दौरा किया और पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख की सहायता दी। 
विज्ञापन


इसके बाद तिकुनिया में संयुक्त मोर्चा के बैनर तले देश भर के किसान संगठनों ने अंतिम अरदास का कार्यक्रम किया, लेकिन जिले में पांच महीने बाद हुए चुनाव में सत्ता पक्ष के विरोध का कोई असर नहीं दिखा। न तो कांग्रेस, सपा और नहीं किसान संगठनों का आंदोलन लोगों को सत्ता पक्ष के खिलाफ मोड़ने में सफल रहा। 

खास बात यह रही कि जिस निघासन विधानसभा क्षेत्र के तिकुनिया में हिंसा हुई थी, वहां पर भाजपा प्रत्याशी शशांक वर्मा ने 41 हजार वोटों से जिले में सबसे बड़ी जीत हासिल की है। पलिया में भाजपा प्रत्याशी रोमी साहनी ने जिले में दूसरी सबसे बड़ी और 38,129 वोटों से जीत हासिल की है। उधर, धौरहरा में भी सत्ता पक्ष के खिलाफ के माहौल के बावजूद भाजपा के विनोद अवस्थी ने  24,160 वोटों से जीत हासिल की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें