डग्गामार वाहनों के खिलाफ फूटा गुस्सा, नहीं चलीं बसें, एआरटीओ से बस मालिकों की नोकझोंक, देर शाम वार्ता के बाद हड़ताल खत्म
लखीमपुर डिपो के अनुबंधित बस मालिकों ने डग्गामार वाहनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को गुस्साए बस मालिकों ने बसों का संचालन बंद कर दिया, जिसकी सूचना लगने से विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सुबह एआरटीओ पीके सिंह ने हस्तक्षेप करने का प्रयास किया, जिस पर बस मालिकों से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। इससे उन्हें बैरंग होना पड़ा। मामले की जानकारी मिलने पर आरएम हरदोई एवं एसएम ने डिपो पर आकर बस मालिकों से वार्ता करने का प्रयास किया, लेकिन बस मालिकों के न जाने के कारण वार्ता नहीं हो सकी, जिससे बसों का संचालन देर शाम तक शुरू नहीं हो सका। बस मालिकों का कहना है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता हड़ताल जारी रहेगी। इधर, देर शाम एआरटीओ, सीओ और बस मालिकों के बाद वार्ता हुई, जिसमें एआरटीओ ने चार जनवरी तक डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने का आश्वासन दिया, जिस अनुबंधित बस चालकों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। ये जानकारी अनुबंधित बस ओनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शादाब मियां ने दी।
डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर डिपो के अनुबंधित बस मालिकों ने दो दिन पूर्व धरना शुरू किया था, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी से नाराज बस मालिकों ने शुक्रवार को चक्का जाम करते हुए बस संचालन बंद कर दिया। बसें न चलने से यात्रियों को असुविधा का सामना करते हुए डग्गामार वाहनों से जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। बस मालिकों का कहना था कि जब तक डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई नहीं हो जाती और उनका संचालन बंद नहीं होता, तब तक वे बसें नहीं चलाएंगे। बसों के न चलने की सूचना मिलने पर आरएम हरदोई मनोज कुमार त्रिवेदी और एसएम मनोज कुमार सिंह ने डिपो पहुंचकर सीतापुर और गोला डिपो के एआरएम को बसों का संचालन डिपो से कराने के लिए निर्देशित किया।
एआरटीओ और बस मालिकों के बीच चौकी में हुई नोकझोंक
एआरटीओ ने जब बस मालिकों से डग्गामारी न होने की बात कही तो बस मालिक भड़क गए। बस मालिकों ने कहा कि शहर के चौराहों पर होर्डिंग्स लगाकर लखनऊ और दिल्ली जाने वाले वाहनों का प्रचार हो रहा है। वहीं रेलवे स्टेशन, एलआरपी चौकी के सामने से सवारियां ले जाई जा रहीं है। बस मालिकों ने यहां तक कहा कि यदि वह चाहे तो डग्गामार वाहनों के वीडियो भी वह उन्हें दे सकते हैं। बस मालिको द्वारा प्रमाण दिए जाने की बात सुनकर एआरटीओ बैकफुट पर आ गए।
आरएम और एसएम से बस मालिकों ने नहीं की वार्ता
एआरएम ने बताया कि बस मालिकों द्वारा संचालन बंद किए जाने की सूचना आरएम हरदोई और एसएम को दी थी, जिस पर शुक्रवार की सुबह आरएम और एसएम ने डिपो पर आकर बस मालिकों से वार्ता करनी चाही, लेकिन यूनियन के लोगों के न आने पर वार्ता नहीं हो सकी।
गोला और सीतापुर डिपो की बसें बनी सहारा
लखीमपुर डिपो की बसों का संचालन बंद हो जाने से गोला और सीतापुर सहित अन्य डिपो की बसें यात्रियों के लिए सहारा बनी। हालांकि हड़ताल के दौरान यात्रियों को कोई असुविधा न हो इसके लिए आरएम ने सीतापुर और गोला डिपो के एआरएम को बसों को लखनऊ,सीतापुर सहित ऐरा खमरिया रूट पर चलाने के लिया निर्देशित कर दिया
बस मालिक और चालक को पकड़ने पर हुआ हंगामा
अनुबंधित बस मालिक अन्य डिपो की बसों को लखीमपुर डिपो तक आने से रोकने के लिए एलआरपी जा पहुंचे और बसों को जबरन अंदर आने से रोकने लगे, जिस पर एलआरपी चौकी पुलिस ने बस मालिक शादाब मियां और चालक अरुण और खुशीराम को चौकी में बिठा लिया, जिससे नाराज बस मालिकों ने चौकी पर हंगामा करना शुरू दिया। वहीं शादाब मियां कहना है कि एक अधिकारी के कहने पर चौकी पुलिस ने उन लोगों पर दबाव बनाने के लिए चौकी पर बैठाकर धमकाया, लेकिन साथियों के हंगामे के कारण छोड़ना पड़ा।
बस मालिकों ने अपनी मर्जी से हड़ताल शुरू की है, हम उनका दर्द समझते हैं। हमारा प्रयास है कि वह अपनी हड़ताल समाप्त करके बस संचालन शुरू करें, रही बात डग्गामार वाहनों की तो अधिकारियों ने वार्ता की है जल्द ही एआरटीओ के साथ मिलकर डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई कराई जाएगी।
-वीके गोस्वामी, एआरएम