थारू महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्घ और आत्मनिर्भर बना रहीं हैं आरती
लखीमपुर खीरी। पलिया तहसील के थारू जनजाति बहुल ग्राम गोबरौला चंदनचौकी की निवासी आरती राना द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्घ और आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है, जिसके लिए उन्हें महिला दिवस पर आठ मार्च 2022 को राष्ट्रपति द्वारा दिल्ली में नारी शक्ति पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह के निर्देश पर लायजन ऑफिसर/परियोजना अधिकारी एकीकृत जनजाति विकास परियोजना चंदनचौकी यूके सिंह रविवार की रात को आरती राना के साथ सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए रवाना हो गए हैं।
जनजाति विकास विभाग, एक जिला एक उत्पाद और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से प्रशिक्षित होकर आरती राना ने अपने नेतृत्व में सैकड़ों थारू जनजाति महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ा है। बताते चलें कि थारू हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदेश सरकार ने एक जिला एक उत्पाद में शामिल किया है, जिससे थारू हस्तशिल्प उत्पाद भी बाजार में प्रतिद्वंद्वी उत्पादों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
आरती राना ने थारू महिलाओं के अंदर आत्मविश्वास की लौ जगाते हुए परंपरागत हस्तशिल्प उत्पादों का निर्माण बड़े स्तर पर कराने में अहम भूमिका निभाई है। इससे यहां बड़ी संख्या में थारू जनजाति की महिलाएं परंपरागत हस्तशिल्प निर्मित उत्पादों को ट्राइफेड यानी विभिन्न शहरों में लगने वाले जनजाति कार्निवाल एवं महोत्सव के माध्यम द्वारा अपने उत्पादों का प्रचार प्रसार करती हैं। साथ ही इन महोत्सव में हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री करके महिलाएं आर्थिक रूप से समृद्घ एवं आत्मनिर्भर हो रही हैं।
थारू हस्तशिल्प उत्पादों में मुख्य रूप से दरी, चटाई, विभिन्न तरह की टोकरी, हैंडबैग आदि वस्तुएं शामिल हैं। विभागीय मदद के द्वारा थारू उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए प्रमुख ऑनलाइन मार्केटिंग करने वाली कंपनियों से जोड़ा गया है, जिससे इनके उत्पादों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है।