यूक्रेन में फंसे 22 लोगों में 21 की सकुशल हो चुकी है स्वदेश वापसी, कुकरा के उबेश दूसरे देश में सुरक्षित पहुंचे
लखीमपुर खीरी। यूक्रेन में फंसे 22 छात्र-छात्राओं में से 21 लोगों की सकुशल भारत वापसी हो गई है। सोमवार को छात्रा इशना वर्मा फ्लाइट से मुंबई पहुंचीं। वहां से वह शाम को फ्लाइट से लखनऊ पहुंच गईं। इसके अलावा एक युवक कुकुरा निवासी उबेश, जो काम करने के लिए यूक्रेन गया था, वह दूसरे देश में काम करने चला गया है। मोहम्मदी क्षेत्र के गांव मुर्तजा अलीनगर निवासी छात्र हर्षित यादव भी यूक्रेन से निकल चुके हैं, उन्हें पासपोर्ट न होने के कारण रोमानिया बॉर्डर पर रोका गया है।
बताते चलें कि जनपद के 22 लोग यूक्रेन में थे, जिनमें 21 छात्र-छात्राएं मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे, जबकि कुकरा का उबेश वहां पर नौकरी करने गया था। कई दिनों तक कोई संपर्क न होने के कारण उसे मिसिंग माना जा रहा था।
सोमवार को जिला प्रशासनिक अधिकारी को उसके चचेरे भाई ने बताया कि वह यूक्रेन से निकलकर किसी दूसरे देश में नौकरी करने चला गया है। एडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि अब तक 20 छात्र-छात्राएं वापस भारत लौट चुके हैं, जबकि एक छात्र हर्षित यादव पासपोर्ट न होने के कारण रोमानिया बार्डर पर रोका गया है।
खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास है हर्षित का पासपोर्ट
पसगवां। लंबे समय से यूक्रेन मे फंसे हर्षित यादव किसी तरह रोमानिया बॉर्डर पहुंच तो गए हैं, लेकिन उन्हें वहां प्रवेश नहीं मिल पाया है।
युद्धग्रस्त यूक्रेन की खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास पासपोर्ट जमा होने के कारण मोहम्मदी निवासी हर्षित बॉर्डर क्रॉस नहीं कर सके। पिता अहिबरन यादव ने बताया कि हर्षित खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है। वह बीते नौ दिनों से खारकीव में बंकर में फंसा रहा।
रविवार को लबीब शहर से बस से रोमानिया बॉर्डर पहुंच तो गया, लेकिन पासपोर्ट न होने के कारण रोमानिया में प्रवेश नहीं मिल पाया। हर्षित यादव के चाचा अरविंद सिंह यादव ने बताया कि भारतीय एंबेसी को समस्या से अवगत कराया जा चुका है। भारत सरकार ने कार्यवाही शुरू कर दी है। उधर, हर्षित के घर न पहुंचने से परिजन परेशान हैं। संवाद