लखीमपुर खीरी। विकास कार्यों के नाम पर खर्च किए गए लाखों रुपये का लेखा-जोखा ऑडिट में प्रस्तुत न करने के मामले में जनपद के छह सचिवों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआरओ विशाल सिंह ने संबंधित एडीओ पंचायत को कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि सदर ब्लॉक के मरखापुर में वर्ष 2020-21 की 11 लाख से अधिक की ऑडिट आपत्ति लंबित है। यहां के सचिव अजय प्रकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
मितौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत शिवपुरी, ग्रंट इनायतचीफ, नकारा, कल्लुआमोती और सेनपुर में वर्ष 2021 से 2023 तक करीब एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों के अभिलेख सचिव अमीरचंद राना प्रस्तुत नहीं कर सके। अमीरचंद राना पहले से निलंबित हैं और उनके खिलाफ भी एफआईआर के आदेश हुए हैं।
पलिया ब्लॉक के बसंतापुर कला में वर्ष 2022-23 में 35.48 लाख रुपये की ऑडिट आपत्ति का निस्तारण न होने पर सचिव अरुण मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की गई है। फूलबेहड़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत तेंदुआ, रामपुर और अंजनापुर में वर्ष 2022-23 की 35.44 लाख रुपये की ऑडिट आपत्ति तथा ईसानगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत लाखुन, मटरिया और जेठरा में 24.12 लाख रुपये की ऑडिट आपत्ति में सचिव नरेंद्र यादव के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए गए हैं। नरेंद्र यादव भी निलंबित चल रहे हैं।
इसी तरह बेहजम ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिल्लाई में वर्ष 2021-22 के 10.41 लाख रुपये और मितौली ब्लॉक की ककरहा में वर्ष 2020-21 के 6.85 लाख रुपये की ऑडिट आपत्ति के मामले में सचिव अनिल कुमार सिंह और राघवेंद्र के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
डीपीआरओ ने बताया कि संबंधित सचिवों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन जवाब न मिलने पर यह कार्रवाई की जा रही है।