जिले के शहरी क्षेत्रों में घरेलू पंखा-बत्ती और ग्रामीण क्षेत्र में आईडीएफ के कामर्शियल बिल वाले उपभोक्ताओं की बिजली महंगी कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक दोनों जगहों पर खराब मीटरों पर यूनिट दर 80 से बढ़ाकर 155 यूनिट कर दी गई। इस हिसाब से घरेलू पंखा-बत्ती के एक किलावॉट के कनेक्शन पर 259 रुपये की जगह 750 रुपये का बिजली बिल आएगा।
पॉवर कारपोरेशन के निर्देश पर लखीमपुर और गोला डिवीजन में मार्च का बिजली बिल नई दर से जारी किया गया है। जिन जगहों पर महंगे बिलों को जारी किया गया, उनमें लखीमपुर, गोला, पलिया और मोहम्मदी शामिल हैं। बिजली अधिकारियों ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में मीटरों के जलने और खराब होने की वजह से अधिकतर बिल आईडीएफ आ रहे हैं। मीटरों को बदलने की जब भी कोशिश की गई तो अड़चनों की वजह से इसमें विभाग को सफलता नहीं मिल पा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि खराब मीटर बदलने के लिए ही आईडीएफ बिलों की दर में इजाफा किया गया है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र के आईडीएफ कामर्शियल बिलों पर भी उपभोक्ताओं को 80 यूनिट की जगह 155 यूनिट की दर से बिल जारी किया जाएगा।
मीटर बदलने के लिए महंगी की बिजली
बिजली अधिकारियों के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में आईडीएफ और सामान्य बिलों के उपभोक्ताओं को एक समान बिजली सप्लाई मिलती है, लेकिन दोनों के बिलों में काफी अंतर होता है। आईडीएफ बिलों की दरों में बढ़ोतरी होने से उपभोक्ता बिजली खपत का ध्यान रखने के लिए खुद ही मीटर बदलने के लिए आवेदन करेगा। इससे विभाग के राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी।
800 आवेदन पहुंचे एसडीओ कार्यलय
मार्च का बिजली बिल जारी होने के बाद आईडीएफ बिल वाले उपभोक्ता अपना मीटर बदलवाने के लिए बिजली विभाग के चक्कर काट रहे हैं। पिछले एक माह में खराब मीटरों को बदलने के लिए एसडीओ कार्यालय में 800 आवेदन आ चुके हैं।
एसडीओ टाउन धर्मेंद्र आनंद ने बताया कि आईडीएफ बिल वाले सभी उपभोक्ताओं की निर्धारित 80 यूनिट दर बढ़ाकर 155 यूनिट कर दी गई है। शहरी क्षेत्र में पंखा-बत्ती और ग्रामीण क्षेत्र में कामर्शियल के एक किलोवॉट के कनेक्शनों पर यह नियम लागू किया गया है। मार्च महीने का बिल नई यूनिट दर के हिसाब से लागू किया गया है।