लखीमपुर खीरी। जिले में शीतलहर से जनजीवन अस्तव्यस्त है। मंगलवार को दिन भर बादल छाए रहने और बर्फीली हवाएं चलने से लोग ठिठुरते रहे। अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
पिछले पांच दिनों से तराई में चल रही भीषण शीतलहर से जनजीवन बुरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। लोगों की दिनचर्या तो गड़बड़ हुई ही है, दैनिक कामकाज पर भी प्रभाव पड़ा है। सुबह से कोहरा छाए रहने से वाहनों की रफ्तार भी थम गई है। दोपहर तक कोहरा और उसके बाद आसमान में बादल छाए रहे। दिन भर सर्द हवाएं चलने से अधिकांश लोग रजाइयों में ही रहे।
अमीरनगर। मंगलवार को गलन बढ़ने से घरों से बाहर निकलने वाले लोग ठिठुरते रहे। ठंडक के चलते बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। लगातार शीतलहर बढ़ने से ठंडक का असर पशुओं पर भी दिखाई पड़ा। सोमवार दोपहर बाद कुछ समय के लिए धूप निकलने से लोगों को ठंडक से राहत मिल गई थी लेकिन मंगलवार को पूरा दिन मौसम खराब रहने से लोग ठंडक से ठिठुरते रहे।
पलियाकलां। तराई इलाका होने के कारण यहां शीतलहर के साथ गलन काफी पड़ रही है। नगर पालिका द्वारा ठंड से बचाव के लिए कई जगह अलाव लगवाए गए हैं। लेकिन सीएचसी में अलाव में गीली खोई व लकड़ी के कारण अलाव बुझ जाता है। उधर, भारी मात्रा में सीएचसी का स्टाफ कोविड पॉजिटिव हो गया है जिसको लेकर सीएचसी में मरीजों की संख्या भी न के बराबर रहती है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को देखा जा रहा है लेकिन अलाव की व्यवस्था न होने से मरीजों के तीमारदार भीषण ठंड में ठिठुर रहे हैं।
मैलानी : कोहरे और सर्द हवाओं ने ठिठुराया
मैलानी। सुबह से कोहरे और दिन में चली सर्द हवाओं से बढ़ी सर्दी ने आम जनमानस को ठिठुरा दिया। कोहरे का आलम यह था कि रोड पर दिन में भी लाइटें जलाकर धीमी गति से वाहन चलाने को विवश होना पड़ा। कोहरा कम हुआ तो दोपहर बाद सर्द हवाएं चलने लगीं। इससे हांड़ कंपाने वाली सर्दी का सितम शुरू हो गया। सर्दी से ठिठुरते अधिकांश लोग आग तापकर छुटकारा पाने की कोशिशें करते दिखाई दिए। घने काले बादलों के चलते मंगलवार को पूरे दिन सूरज की एक झलक तक न दिखाई दी। सर्द हवाएं चलने से पड़ रही कड़ाके की सर्दी को देखते हुए अधिकांश लोग घरों में ही दुबके रहे। सिर्फ जरूरत पर ही लोग घरों से निकले। इस कारण बाजार में भी चहलकदमी कम ही रही। शाम होते ही लोग जल्दी अपने घरों को चले गए।
गोला गोकर्णनाथ : रोडवेज और सीएचसी पर नहीं जले अलाव, कांपे यात्री
गोला गोकर्णनाथ। गोला सीएचसी में जहां सैकड़ों की तादाद में नगर व क्षेत्र से लोग इलाज के लिए आते हैं। मंगलवार को पेड़ के नीचे तीमारदार सुलगती धान की भूसी के ढेर को घेर कर बैठे और खुद को सर्दी से बचाने की कोशिश करते दिखे। वहीं रोडवेज डिपो परिसर में कड़ी सर्दी के बावजूद भी कहीं भी अलाव जलता नहीं मिला। यात्री सर्दी से बचने के लिए स्वयं को शॉल में लपेटे हुए बैठे दिखे। उम्र दराज यात्रियों को सर्दी में खास परेशानी हुई। हालांकि नगर पालिका ने प्रमुख स्थानों पर अलाव का प्रबंध करने का दावा किया।
ग्रामीण इलाकों में कूड़ा कबाड़ जलाकर भगा रहे सर्दी
गोला गोकर्णनाथ। कड़ाके की सर्दी में ग्रामीण क्षेत्रों का हाल बेहाल है। लोग कूड़ा कबाड़, लकड़ी आदि जलाकर किसी तरह सर्दी से बचने का प्रयास कर रहे हैं। खंड विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में शासन प्रशासन द्वारा अलाव जलवाने का कोई प्रावधान नहीं है और न ही कोई बजट है। क्षेत्र के ममरी, रोशननगर, बग्घुन, संसारपुर, अलीगंज, परेली, अम्बरपुर, जमुनहाँ, सौखियां सहित गांव में लोग कड़ाके की सर्दी में किसी तरह बचाव करते और अपना काम करते दिखे। ऐसी सर्दी में खासकर वृद्धों और बच्चों को काफी परेशानी हो रही है।
बांकेगंज : गलन बढ़ी, ठिठुरने को मजबूर हुए लोग
बांकेगंज। कस्बा में कड़ाके की ठंड का कहर मंगलवार को भी पूरे दिन जारी रहा। दिन भर बादलों के बीच सूर्यदेव लुकाछिपी का खेल खेलते रहे। सर्दी से बचाव के लिए दिनभर लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। ठंड का असर बांकेगंज बाजार पर भी साफ दिखाई पड़ा। गर्म कपड़ों की दुकानों को छोड़कर अन्य दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा। पूरे दिन व्यापारी ग्राहकों का इंतजार करते नजर आए।
मझगईं : अलाव न जलने से दिक्कतें, लोगों में रोष
मझगईं। नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष अन्नूलाल गुप्ता, महामंत्री रामकुमार पटेल ने बताया कि कस्बा में एक भी जगह अलाव नहीं जल रहा है। कभी कभार क्षेत्रीय लेखपाल का मुंशी बस स्टाफ के पास थोड़ी बहुत लकड़ी डालकर चला जाता है। कुछ दिनों से पड़ रही भीषण ठंड से बाहर से आने वाले ग्राहकों व व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे के व्यापारियों ने ठंड को देखते हुए पूर्ण रूप से तीन जगह अलाव जलवाने की मांग की गई है। लेखपाल शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मझगईं के एक अलाव स्वीकृत है जो जलाया जा रहा है।
तिकुनिया : ठंड से बॉर्डर के लोग बेहाल, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जले अलाव
तिकुनिया। बॉर्डर इलाके के महत्वपूर्ण कस्बा व मंडी तिकुनिया बाजार में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था अस्त-व्यस्त है। मजदूर, ठेला चालक व दैनिक यात्रा पर आने जाने वाले लोगों का बुरा हाल है। तिकुनिया कस्बे में प्राइवेट बस स्टैंड, टायर चौराहा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रोडवेज बस स्टैंड आदि स्थानों पर रोजाना लोगों का आवागमन होता है, जहां अलाव की व्यवस्था नहीं है। एसडीएम श्रद्धा सिंह का कहना है कि जल्दी ही अलाव की व्यवस्था की जाएगी। संवाद