किसान नेताओं ने घटना के आरोपियों पर कार्रवाई की उठाई मांग
छात्रावास में छात्रा निधि का शव संदिग्ध परिस्थितियों में लटका मिलने की जानकारी होते ही किसान नेताओं का हुजूम स्कूल के पास उमड़ पड़ा। आक्रोशित किसानों ने मामले की जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि कुछ ही देर बाद हंगामा शांत हो गया। किसान नेताओं ने पूरे प्रकरण की जांच सही से कराने की मांग की। साथ ही पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में हर संभव मदद की भी बात कही।
अंदर से बंद था कमरे का दरवाजा
छात्रा निधि जिस कमरे में रहती थी, घटना के समय वह कमरा अंदर से बंद था। कमरे के पास लगी खिड़की हल्की सी खुली होनी बताई जा रही है। बृहस्पतिवार की दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव घर लाया गया। जहां परिजनों ने अंतिम संस्कार करा दिया गया। एसडीएम मोहम्मदी अवनीश कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम पैनल और वीडियोग्राफी से कराया गया है। रिपोर्ट में हैंगिंग आया है। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है।
पांच साल पहले कक्षा छह में लिया था प्रवेश
परिजनों ने निधि का पांच साल पहले राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय में कक्षा छह में प्रवेश कराया था। इसके बाद से वह वहीं पढ़ाई कर रही थी। परिजनों के मुताबिक निधि हर रोज परिजनों से बातचीत कर हाल चाल लेती थी, लेकिन किसी तरह का विवाद व अन्य कोई परेशानी होने की बात नहीं बताई।
समाज कल्याण अधिकारी के राम जनम ने बताया कि सूचना पर स्कूल पहुंचा था। परिजनों से बात हुई है। किसी तरह की असामान्य बात सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। विभाग के उच्च अधिकारी भी पहुंचे थे।
पिता ने विद्यालय में संदिग्धों के होने का जताया शक
पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय साहबगंज में किशोरी के आत्महत्या करने के मामले में पिता की तहरीर पर पुलिस ने विद्यालय प्रबंधन व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पिता ने बताया कि घटना से दो दिन पहले ही निधि घर आई थी।
सोमवार को दोबारा छात्रावास चली गई थी। पिता ने विद्यालय में कुछ न कुछ संदिग्ध होने का शक जताया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में ऐसा कुछ तो हुआ है, जिस कारण पुत्री ने आत्महत्या की। पिता ने पुलिस को तहरीर देकर विद्यालय प्रबंधन व कर्मचारियों पर बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने धारा 108 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है।