सीएचसी अधीक्षक को पत्र सौंपा, 15 दिन में नहीं हुआ अमल तो फिर हड़ताल
आशा सदस्यों ने सीएमओ के एक पत्र के बाद हड़ताल स्थगित कर दी है। पत्र में कई मांगों पर कार्रवाई किए जाने को सीएचसी अधीक्षक को लिखा गया है। इन बिंदुओं पर अमल को 15 दिन का समय देते हुए उन्होंने हड़ताल स्थगित की है और अन्य मांगें जारी हैं।
गौरतलब है कि यहां आशा सदस्यों ने 6 सितंबर से विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रखी थी। उन्होंने इन्हीं मांगों को लेकर रविवार को पल्स पोलियो कार्यक्रम का भी बहिष्कार कर दिया था। इसे सीएमओ ने गंभीरता से लिया और उनकी कुछ मांगों पर कार्रवाई के लिए सीएचसी एवं पीएचसी अधीक्षकों को पत्र लिखा। इसमें प्रमुख रूप से कहा गया है कि रात के दौरान गर्भवती महिलाओं को लाने वाली आशा को स्थानीय स्तर से सीएचसी में ही एक रूम आवंटित किया जाए ताकि वे वहां विश्राम कर सकें। वर्ष 2013 से पल्स पोलियो, टीबी, मलेरिया कार्यक्रम के अंतर्गत जिन आशाओं के भुगतान लंबित हैं उनको 15 दिन के भीतर करा दिया जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि उच्च शिक्षा प्राप्त आशा को टीकाकरण प्रशिक्षण दिलाने को मिशन निदेशक से अनुमति लेकर कार्रवाई की जाए। प्रशिक्षण प्राप्त भुगतान न ले पाने वाली आशा को 15 दिन के भीतर भुगतान किया जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। माह अप्रैल 2016 से वर्तमान समय में किसी पीएचसी पर आशा संगिनी को भुगतान कराने के लिए भी कदम उठाने को कहा गया है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि 15 दिन के भीतर ऐसा नहीं होता है तो लिपिक को दोषी मानते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद संगठन की सदस्यों ने भाजपा नेता महेश शर्मा रिंटू के नेतृत्व में सीएचसी अधीक्षक जितेंद्र पाल को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें सीएमओ पत्र पर अमल के लिए 15 दिन का समय देते हुए हड़ताल स्थगित करने की बात कही गई है। इसमें संगठन अध्यक्ष मीना देवी, महामंत्री शिवालली, मंत्री सुनीता देवी, उपाध्यक्ष शशिकला, सज्जोदेवी, सुनीता वर्मा, अर्चना, पूनम शर्मा, मुन्नी, बिट्टो देवी, मीरा देवी, संगमा यादव, ललिता, कमरजहां, केश कांति आदि तमाम आशा शामिल रहीं।