मैलानी। लखनऊ-मैलानी-पीलीभीत-बरेली मार्ग पर एक भी होली स्पेशल ट्रेन संचालित न करने से दूरदराज इलाकों में नौकरी करने व पढ़ाई करने वालों को होली पर घर आने में पहले की तरह ही दिक्कतें झेलनी पड़ेगी। घर आने के लिए लोगों को धक्के खाने पड़ेंगे।
आमान परिवर्तन के बाद लखनऊ से सीतापुर, लखीमपुर, मैलानी, बरेली होते हुए दिल्ली, पंजाब, राजस्थान का नया रेलमार्ग खुल गया है, लेकिन ट्रेनें सात साल बाद भी नहीं चली। यहां तक कि लखनऊ से बरेली तक एक भी ट्रेन नहीं है। इज्जतनगर से मैलानी, डालीगंज होते हुए गोरखपुर तक 24 घंटे में मात्र एक एक्सप्रेस है। रेलवे होली पर गोरखपुर से सीतापुर, शाहजहांपुर होते हुए तमाम स्पेशल ट्रेनें चला रहा है, लेकिन सीतापुर से मैलानी, पीलीभीत, बरेली एक भी स्पेशल ट्रेन नहीं चलाई है।
ऐसे में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, देहरादून, गुजरात, राजस्थान आदि इलाकों में कमाने गए जिले के लोगों को होली पर घर आने व वापस जाने के लिए दिक्कतें उठानी होंगी।
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सात साल बाद भी मैलानी मार्ग पर लंबी दूरी की कोई नियमित ट्रेन नहीं चल सकी है। रेलवे को लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों को इस मार्ग से भी गुजारना चाहिए, ताकि होली पर लोगों को आवागमन की सुविधा मिल सके।
-अंकुर दीक्षित
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दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि बड़ी लाइन बनने के भी ट्रेनों की संख्या सीमित है। क्षेत्र के तमाम लोग परदेश कमाने जाते हैं। उनकी सुविधा के लिए ही लंबी दूरी की होली स्पेशल ट्रेनों को मैलानी के रास्ते संचालित किया जाए।
-भगवत स्वरूप बाथम
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जिले के काफी लोग जीविका के लिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई आदि बड़े शहर हैं। परदेश गए मजदूर व नौकरीपेशा लोगों को त्योहार पर घर आने के लिए रेलवे को स्पेशल ट्रेनों का संचालन करना चाहिए।
-राजेश शर्मा