जंगली हाथियों द्वारा बर्बाद की गई फसल। स्रोत: ग्रामीण
मझगईं। चौखड़ा फार्म में दूसरे दिन भी हाथियों का उत्पात जारी रहा। सोमवार रात हाथियों के झुंड ने खल्ला गुरुद्वारा के पास गन्ने के खेतों में घुसकर फसल तहस-नहस कर दी।
हाथियों की चिंघाड़ सुनकर किसान पटाखे छोड़कर, ट्रैक्टरों की रोशनी कर और शोर मचाकर उन्हें भगाने पहुंचे, लेकिन हाथियों ने किसानों को ही दौड़ा लिया। इससे किसान जान बचाकर अपने झालों तक पहुंचे।
हाथियों के उत्पात में बिट्टू सिंह, बहादुर सिंह, सतनाम सिंह, सुरेंद्र सिंह, मोहम्मद खान और नरेंद्र सिंह सहित कई किसानों की करीब 15 एकड़ गन्ने की फसल बर्बाद हो गई। किसान बहादुर सिंह ने बताया कि झुंड में एक बड़ा हाथी आगे-आगे चल रहा था, जिसकी अगुवाई में अन्य हाथी खेतों में घुसे।
किसानों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उनका आरोप है कि आए दिन हाथी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।