जिला योजना समिति की बैठक छह अरब 61 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी
प्रभारी मंत्री ने अफसरों को दी सुधरने की नसीहत
योगी सरकार में जिला योजना समिति की पहली बैठक बुधवार को कलक्ट्रेट हुई, जिसमें प्रभारी मंत्री/राज्य मंत्री (समाज कल्याण) गुलाब देवी ने छह अरब 61 करोड़ 75 लाख 60 हजार के परिव्यय प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। बैठक में जिले की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और गरीबों के आवास का मुद्दा छाया रहा। इस पर मंत्री ने सीएमओ को व आवास से संबंधित अधिकारियों को जमकर सुनाई। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों वाली मानसिकता को बदल दें।
बैठक का आरंभ परिचय से हुआ, जिसमें अधिकारी संकोच और घबराहट में दिखे। इस पर प्रभारी मंत्री ने नाराजगी जताते हुए परिचय देने के सिलसिले को बीच में ही बंद करा दिया। पीडी वीरेंद्र कुमार यादव ने पिछली कार्ययोजना में मिले बजट और खर्च की जानकारी दी। इसके बाद वर्ष 2017-18 में विभागवार परिव्यय प्रस्तावों पर चर्चा की गई। कृषि विभाग ने नेशनल मिशन आन आयल सीड्स एंड आयल पाम के लिए 30 लाख का परिव्यय प्रस्तावित किया, जिससे मूंगफली और तिल की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। विधायक रामकुमार वर्मा ने कृषि विभाग द्वारा ब्लाकों में कराए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावशाली और व्यापक बनाने की मांग रखी। सभी किसानों का पंजीकरण जल्द कराने पर जोर दिया गया, जिस पर डीडी कृषि शिव कुमार केसरी ने बताया कि 5.70 लाख में से 3.90 लाख किसानों का पंजीकरण कराया जा चुका है। गन्ना विभाग की समीक्षा दौरान बकाया भुगतान का मुद्दा जोरशोर से उठा। प्रभारी मंत्री ने कृषि मंत्री के निर्देशों का हवाला देते हुए मिलों पर एफआईआर दर्ज कराने और डीएम को गुमराह न करने की नसीहत दे डाली। विधायक योगेश वर्मा ने अधिकारियों की मानसिकता में बदलाव न आने का आरोप लगाते हुए योजना में बंदरबाट की बात कही। प्रभारी मंत्री ने जनप्रतिनिधियों के निशाने पर आए अधिकारियों से कहा कि प्रशासन, जनता और सरकार के बीच तालमेल होना जरूरी है। इसके अलावा आवास योजनाओं में धांधली और खराब ट्यूबवेल का मुद्दा जोरशोर से उठाया गया। गोवंशीय पशुओं के लिए गोसदन की व्यवस्था पर चर्चा की गई। चारागाहों से कब्जे हटाने के निर्देश दिए गए।
नहीं आए दोनो सांसद
भाजपा की प्रदेश सरकार की पहली जिला योजना की महत्वपूर्ण बैठक से खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी और धौरहरा सांसद रेखा वर्मा नदारद रहीं। इसकी यहां खासी चर्चा रही। बैठक में विधायक मंजू त्यागी, सौरभ सिंह सोनू, लोकेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी शशांक यादव, सीडीओ अमित सिंह बंसल, डीडीओ अनिल कुमार सिंह, डीएसटीओ एसपी वर्मा, जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह समेत जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे।
आवास के लिए सबसे अधिक परिव्यय
44 विभागों ने छह अरब 61 करोड़ 75 लाख 60 हजार रुपये के परिव्यय प्रस्ताव दिए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा आवास बनाने के लिए दो अरब दो करोड़ पांच लाख 60 हजार का प्रस्ताव रखा गया है। ग्रामीण रोजगार के लिए एक अरब 15 करोड़ 92 लाख 89 हजार, सड़क एवं पुल निर्माण के लिए 63 करोड़ 87 लाख 83 हजार, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम पर 96 करोड़, माध्यमिक शिक्षा के लिए 21.69 करोड़, पर्यटन के लिए एक करोड़ परिव्यय का प्रस्ताव दिया गया है।
न मन लगे तो बोरिया बिस्तर समेट लें
पिछली बैठकों में भी सत्तापक्ष के विधायकों ने अधिकारियों पर मनमानी के आरोप लगाए थे। इस बार भी शिकायतें सुनकर प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को खरी खोटी कहने से परहेज नहीं किया। साथ ही उन्होंने कहा कि जिसका जिले में मन न लग रहा हो, वह अपना बोरिया बिस्तर समेट लें।