धरना प्रदर्शन में मौजूद किसानों से वार्ता करते मिल अधिकारी। संवाद
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महेवागंज। बुधवार को भी किसान भुगतान की बाट जोहते रहे। किसानों का आरोप है कि मिल प्रबंधन ने एक सितंबर को भुगतान करने का वादा तोड़ दिया। बुधवार शाम नाराज किसानों ने मिल में तालाबंदी की तैयारी कर ली। इससे प्रबंधन में खलबली मच गई। वार्ता को आए जीएम केन सुबोध गुप्ता को किसानों ने मंच पर रोक लिया। जीएम करीब दो घंटे तक किसानों के बीच फंसे रहे। आखिर में मिल प्रबंधन ने बृहस्पतिवार दोपहर तक की मोहलत मांगी। इस पर किसानों ने सशर्त उन्हें जाने दिया।
बीएचएल की खंभारखेड़ा इकाई में गन्ना भुगतान के लिए किसान करीब दस दिन से आंदोलित है। धरना प्रदर्शन जारी है। किसानों और मिल प्रबंधन में बकाया भुगतान को कई बार वार्ता भी हो चुकी है। किसानों के मुताबिक मिल प्रबंधन ने पहली सितंबर को 30 करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजने की बात कही थी पर नहीं भेजे।
ऐसे में मिल पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए बुधवार को गन्ना किसान आंदोलित हो उठे। यह देख मिल और पुलिस प्रशासन में अफरातफरी मच गई।
मौके की नजाकत भांप जीएम केन सुबोध गुप्ता किसानों के बीच पहुंचे। नाराज किसानों ने उन्हें बैठा लिया। करीब दो घंटे तक वार्ता हुई। आखिर में एक दिन की मिल प्रबंधन ने और मोहलत मांगी। धरने की अगुवाई कर रहे राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष श्रीकृष्ण पटेल ने बताया कि मिल प्रबंधन वादे से मुकर रहा है। 10 करोड़ दे रहे थे, जो किसानों ने लेने से मना कर दिया। काफी जोर देने पर मिल ने बृहस्पतिवार तक और मोहलत मांगी है। कहा-अगर बृहस्पतिवार को भी भुगतान न किया गया तो मिल के गेट पर किसान ताला डाल देंगे और अगले सीजन में मिल नही चलने दी जाएगी। एहतियातन बुधवार को पुलिस और पीएसी बल भी तैनात रहा।
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वार्ता के अनुरूप किसानों के खाते में जल्द ही रुपया भेजा जा रहा है।
-सुबोध गुप्ता, जीएम केन बीएचएल