लखीमपुर खीरी। बांकेगंज और लखीमपुर के बाद अब निघासन ब्लाॅक की चार ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत जारी कार्यों में घोटाला पाया गया है। जांच में खुलासा होने पर विभाग ने संबंधितों के खिलाफ को नोटिस जारी किया है।
एनएमएमएस वेबसाइट पर दर्ज श्रमिकों के विवरण के माध्यम से मनरेगा के कार्यों की जांच में घोटाला सामने आया है। डीसी मनरेगा विपिन चौधरी ने बताया कि निघासन ब्लॉक के रकेहटी में मिट्टू वर्मा के खेत से ईश्वरी पुरवा गांव तक चकमार्ग निर्माण के लिए चार मस्टररोल में 38 श्रमिकों से काम कराना दिखाया गया, लेकिन फोटो मात्र पांच के ही अपलोड मिले। वहीं हरीपुरवा में श्रीराम के खेत से केवल सिंह के खेत तक खड़ंजा निर्माण के लिए तीन मस्टररोल में कार्यों के जो फोटो अपलोड मिले, उनमें बड़े फर्जीवाड़े का संदेह है।
गुलरिया पत्थर शाह में सामुदायिक स्थानों पर पौधरोपण के लिए तीन मस्टररोल के तहत 30 श्रमिकों से काम कराया जाना दिखाया गया, लेकिन मात्र दो के ही फोटो अपलोड मिले। लालपुर में भी पौधरोपण के नाम पर दर्ज 36 श्रमिकों की जगह मात्र 14 ही के फोटो अपलोड मिले। सीडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि मामले में संबंधित बीडीसी, ग्राम प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक को नोटिस जारी कर सात दिन के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया है।