ओवरफ्लो होने से बंधे को बढ़ा खतरा, निघासन समेत 100 से अधिक गांवों में भरेगा पानी
घाघी नाले पर बना बंधा किस समय तबाही मचा दें कुछ कहा नहीं जा सकता। पानी की थपेड़ों से आसपास के ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। पानी का दबाव किस समय बंधे को तोड़ दे, इसको लेकर ग्रामीण खौफजदा हैं। यदि ये बंधा टूटा तो तहसील निघासन समेत 100 से अधिक गांव तबाह हो जाएंगे। श्रमदान कर बनाए गए इस बंधे को लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी जान कर भी अनजान बने हुए हैं।
शारदा नदी से घाघी नाला खमरिया, रानीगंज, झौवापुरवा, पुरैना आदि गांवों के किनारे से होकर बहतिया नाले में आकर मिलता है। बरसात के दिनों में शारदा के उफनाने से घाघी नाला विकराल रूप ले लेता है। जिससे समय से पहले ही दर्जनों गांवों के लोगों को असमय बाढ़ का सामना करना पड़ता था। उनकी खून-पसीने की कमाई पल भर में चौपट हो जाती है। इस बीच ग्रामीणों ने प्रशासन से बंधा बनवाने की मांग की, लेकिन जब प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई तो तीन साल पहले चंदा एकत्र कर ग्रामीणों ने बांध बंधवा दिया, लेकिन इस समय हो रही बारिश और शारदा के उफान से इस बंधे पर खतरा मंडराने लगा है। हालत यह है कि बंधे के बराबर पानी पहुंच चुका है। बंधे के किनारे भी कटने लगे हैं। जिससे ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। पानी का दबाव किस समय बंधे को तोड़ दे कुछ कहा नहीं जा सकता है। यदि यह बंधा टूटा तो तहसील मुख्यालय समेत 100 से अधिक गांवों में तबाही मच जाएगी। बंधे की हालत देखकर ग्रामीणों ने घरों का सामान और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है, ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी प्रशासनिक अफसरों को नहीं है, लेकिन अफसर फिर भी अनजान बने हुए हैं।
ये गांव आ जाएंगे चपेट में
लुधौरी, रानीगंज, पुरैना, बैलहा, जीतपुरवा, ठाकुरपुरवा, मिठुई, लालपुर, तमोलिनपुरवा, चंदनपुरवा, गौढ़ीपुरवा, झंडी, बरोठा, कुर्मिनपुरवा, बस्तीपुरवा, छीटनपुरवा, निघासन, गुलरीपुरा, सरकपतहा समेत सैकड़ों गांव।
बंधे पर पानी का दबाव अधिक है, जिससे उसके टूटना का खतरा है। सिंचाई विभाग को बंधे को मजबूत कराने के लिए पत्र दिया गया था, लेकिन अभी ध्यान नहीं दिया गया है। प्रभावित होने वाले ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है।
-जगदीश सिंह, तहसीलदार