पलिया में शारदा खतरे केे निशान से 1.43 मीटर ऊपर
कई गांवों में घुसा पानी, मेलाघाट, इमलिया के रास्तों पर पानी, आवागमन बंद
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से खीरी जिले में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। शारदा और घाघरा नदियां उफना गई हैं। पलिया में शारदा खतरे के निशान से 1.43 मीटर ऊपर बह रही है। शारदा के उफनाने से पलिया, संपूर्णानगर, मझगईं के अलावा निघासन तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। उधर नेपाली नदियों मोहाना और कर्णाली नदी भी उफान पर है। रास्तों पर पानी भर जाने से कई गांवों का संपर्क कट गया है। जिला प्रशासन ने बाढ़ के चलते अलर्ट जारी कर दिया है। शारदा और घाघरा नदियों के किनारे बसे लोग पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं।
पहाड़ों पर हो रही बारिश से बनबसा बैराज ने अतिरिक्त पानी की रिलीजिंग बढ़ाकर करीब दो लाख क्यूसेक कर दी थी। इससे पहले ही उफनाई शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 153.620 मीटर से बढ़कर अब 1 मीटर 43 सेेमी ऊपर पहुंच गया है। इस वजह से यहां नदी के आसपास के आजादनगर, बर्बादनगर, मटैहिया, खैराना, बोझवा, दौलतापुर, कचनारा, मटहिया, श्रीनगर, इमलिया फार्म, मेलाघाट, संपूर्णानगर परिक्षेत्र के गोंविंदनगर, संजय गांधी नगर, मझगईं क्षेत्र के नयापुरवा, खालेपुरवा आदि करीब एक दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं। इसमें संपूर्णानगर क्षेत्र के संजय गांधी नगर और मझगईं परिक्षेत्र के नयापुरवा गांव में ज्यादा पानी है। लोग घरों में ही तख्त, पलंग, चारपाई का सहारा लिए हुए हैं। इधर मेलाघाट, इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर भी तीन से चार फुट तक पानी चलने से आवागमन बंद हैं। पलिया के एसडीएम शादाब असलम ने पलिया क्षेत्र और नायब तहसीलदार घनश्याम कुमार ने नयापुरवा समेत कई गांवों का जायजा लिया और बाढ़ ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को दिशा निर्देश दिए।
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संपूर्णानगर क्षेत्र में जताया जा रहा सबसे ज्यादा खतरा
बनबसा बैराज से रिलीजिंग बढ़ जाने से सबसे ज्यादा खतरा संपूर्णानगर क्षेत्र के नदी के समीपवर्ती गांवों को है। फिलहाल प्रशासन ने यहां सभी को अलर्ट कर दिया है।
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नयापुरवा और खालेपुरवा में कटान जारी
मझगईं परिक्षेत्र के नयापुरवा और खालेपुरवा गांव में बाढ़ के साथ कटान भी जारी है। जिसमें अब तमाम जमीन नदी में समा चुकी है। यहां के ग्रामीणों को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ में वह घरों में कैद हैं तो उधर उनकी जमीन भी नदी निगलती जा रही है।
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भारी बारिश ने खराब किए और हालात
पहाड़ों पर हो रही बारिश से जहां बनबसा बैराज से अतिरिक्त पानी की रिलीजिंग बढ़ा दी गई है वहीं इलाके में भी भारी बारिश हुई जो अभी तक रुक-रुक कर जारी है। अतिरिक्त पानी के साथ ही भारी बारिश भी बाढ़ के लिए जिम्मेदार मानी जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक इलाके में 58.2 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है जो सामान्य से काफी अधिक है। बारिश से भी तमाम निचले गांवों में पानी भरा हुआ है।
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मटहिया गांव में बारिश में गिरा छप्परनुमा घर
भारी बारिश के चलते मटहिया निवासी राजेश पुत्र बहोरी का छप्परनुमा घर गिर गया। गनीमत रही कि सब बाल-बाल बच गए। छप्पर गिरने के दौरान सभी सदस्य सो रहे थे। बता दें कि इस परिवार की एक भैंस रविवार को डूब गई थी।
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बाढ़ के चलते चारे की किल्लत
इलाके के बाढ़ग्रस्त गांवों में खेतिहर इलाका डूबा होने के कारण जानवरों के चारे की किल्लत पैदा हो गई। चारा न मिलने से बाढ़ग्रस्त गांवों में जानवर कई दिनो से भूखे हैं। चारे की इस किल्लत से ग्रामीण परेशान हैं।