लखीमपुर खीरी। जिले में जनवरी से अब तक मलेरिया के चार मरीजों की पुष्टि हुई है। मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ मच्छरों की संख्या बढ़ने लगी है, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में छिड़काव और जागरूकता अभियान तेज कर दिया है।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में शाम ढलते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। घरों के आसपास जमा पानी, नालियों की सफाई में लापरवाही और खुले बर्तनों में भरा पानी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बना रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिन क्षेत्रों में मलेरिया के मामले सामने आए हैं, वहां टीम भेजकर दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। साथ ही घर-घर जाकर लोगों को साफ-सफाई रखने और पानी जमा न होने देने की सलाह दी जा रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी हरिशंकर ने बताया कि बुखार आने पर लापरवाही न बरतें। तुरंत रक्त जांच कराएं और चिकित्सक की सलाह के अनुसार पूरा उपचार लें। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज से मलेरिया पूरी तरह ठीक हो सकता है, लेकिन लापरवाही गंभीर रूप ले सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घर और आसपास साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और मच्छरदानी का नियमित प्रयोग करें, ताकि मच्छरजनित बीमारियों से बचा जा सके।
ये हैं लक्षण
-सर्दी व कंपन के साथ एक-दो दिन छोड़कर बुखार आना।
-तेज बुखार, उल्टियां व सिर दर्द का होना।
-बुखार उतरते समय शरीर का पसीना-पसीना होना।
-बुखार उतरने के बाद थकावट व कमजोरी आना।
बुखार आने पर क्या करें
-बुखार आने पर रक्त की जांच कराएं।
-मलेरिया की पुष्टि होने पर नियमित रूप से दवा लें।
-खाली पेट दवा न खाएं।
-एक वर्ष से छोटे बच्चे व गर्भवती महिलाएं बिना चिकित्सक परामर्श के दवा न खाएं।
मलेरिया से बचने के उपाय
-अपने घर, आस-पास व नालियों में पानी न जमा होने दें।
-पानी से भरे गढ्ढों में मिट्टी भर दें।
-पानी के बर्तनों, टंकियों को ढक कर रखें।
-सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
पिछले पांच सालों की स्थिति
साल मलेरिया डेंगू
2021 115 58
2022 103 85
2023 298 305
2024 614 305
2025 445 68