पलिया बीआरसी कार्यालय पर काली पट्टी बांधे शिक्षक। संवाद
लखीमपुर। टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षकों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। हालांकि इस दौरान विद्यालयों में पठन-पाठन सामान्य रूप से चलता रहा।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मीडिया प्रभारी राहुल बाजपेई ने बताया कि पिछले दिनों उच्चतम न्यायालय के एक निर्णय के बाद लाखों शिक्षकों के सामने संकट खड़ा हो गया है। शिक्षकों का कहना है कि नियुक्ति के समय में सभी सेवा शर्तों व नियुक्ति प्रावधानों के तहत उनकी नियुक्ति हुई है। शिक्षा का अधिकार कानून भी 2011 से लागू हुआ है। ऐसे में 2011 से पूर्व कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टीईटी की अनिवार्यता सही नहीं है। सरकार को इस विषय में अध्यादेश लाकर शिक्षकों के इस संकट का हल निकालना चाहिए।
निघासन ब्लॉक के शिक्षकों ने भी विद्यालय पहुंचकर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि टीईटी को औपचारिक रूप से अनिवार्य करना उचित नहीं है और सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।
पलियाकलां में शिक्षक फेडरेशन ऑफ इंडिया और शिक्षक संघ के अध्यक्ष राकेश यादव के नेतृत्व में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने कहा कि वर्ष 2004 में नियुक्त तथा 2011 में पात्रता परीक्षा लागू होने से पहले से सेवा दे रहे शिक्षकों पर यह व्यवस्था थोपना पूरी तरह अनुचित है।