मितौली। थाना क्षेत्र के गांव रतहरी के पास कठिना नदी के किनारे स्थित बाबा कष्ट हरण धाम पर अपने प्लाटों पर कब्जा न मिलने से नाराज पूर्व ब्लॉक प्रमुख राधेश्याम भार्गव ने पेट्रोल, तेजाब व रस्सी लेकर खुद को मंदिर में बंद कर लिया। तहसील प्रशासन व पुलिस की मान मनौवल के बाद करीब साढ़े चार घंटे बाद वे मंदिर से बाहर निकले। तब जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
मितौली क्षेत्र के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रतहरी निवासी राधेश्याम भार्गव सुबह आठ बजे एक डिब्बे में पेट्रोल और दो बोतल तेजाब लेकर गांव रतहरी के पास स्थित बाबा कष्टहरण धाम पौराणिक शिव मंदिर पहुंचे। पूर्व प्रमुख ने मंदिर के घंटे में फंदा बांध लिया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख के खुद को बंद करने की सूचना पर हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने उन्हें काफी देर समझाया, लेकिन वे नहीं माने।
इसके बाद तहसीलदार व एसएचओ राजू राव के समझाने पर वे बाहर निकलने को तैयार हुए। पूर्व ब्लॉक प्रमुख राधेश्याम भार्गव के मंदिर से निकलने के बाद तहसीलदार दिनेश कुमार, नायब तहसीलदार अखिलेश मौर्य, थाना प्रभारी राजू राव व राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उनके प्लाटों पर कब्जा दिलाया।
अपने प्लॉटों पर कब्जे को लेकर पूर्व ब्लाक प्रमुख राधेश्याम भार्गव करीब दो सालों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। तीन दिन पहले भी राजस्व विभाग की एक टीम तत्कालीन एसडीएम के निर्देश पर पैमाइश को मौके पर पहुंची थी, लेकिन कुछ देर रुककर टीम वापस चली आई। शायद इसी बात से नाराज ब्लाक प्रमुख ने खुद को मंदिर में कैद कर लिया।
तहसीलदार दिनेश कुमार ने बताया कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख के प्लाटों की पैमाइश कराकर कब्जा दिला दिया गया है। अन्य जो आरोप है उनकी भी जांच की जा रही है। जल्दी सभी मामलों का निपटारा कर दिया जाएगा।
एक साल पहले भी खुद को किया था मंदिर में बंद
मितौली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख इससे पहले 18 दिसंबर 2023 को भी खुद को मंदिर में बंद कर चुके हैं। उस वक्त पूर्व प्रमुख काफी मान-मनौव्वल के बाद माने थे। उन्हें उनकी समस्या के निराकरण का आश्वासन भी प्रशासन की ओर से दिया गया था, पर वो पूरा नहीं हुआ। इसी कारण उन्होंने फिर से अपने को मंदिर में बंद कर लिया।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख को जमीन का कब्जा दिलाते तहसीलदार। संवाद