मेडिकल परीक्षण के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा
क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि 45 दिनों से ऑपरेशन तेंदुआ चल रहा था। तेंदुए की चहलकदमी के आधार पर पिंजरों की जगह बदली जाती थी। बुधवार सुबह तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। मेडिकल परीक्षण के बाद उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।
बता दें कि बीते तीन माह पहले तेंदुआ ने धूसाखुर्द घोसियाना में किसानों के पशुओं का शिकार कर दहशत फैला दी थी। तब से वह लगातार इलाके में देखा जा रहा था। तेंदुआ पकड़े जाने की सूचना से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।