पलिया तहसील में एसडीएम को अपनी व्यथा सुनता परिवार। संवाद
पलियाकलां (खीरी) । बेहतर भविष्य और परिवार की गरीबी दूर करने का सपना लेकर दुबई गया पलिया का एक युवक आज वहां की जेल में बंद है। बीते एक साल से परिवार उसकी एक झलक के लिए तरस रहा है। बूढ़े मां-बाप की आंखें बेटे की राह देखते-देखते नम हैं।
मोहल्ला माहिगीरान प्रथम निवासी ऐनुल हक पुत्र इसराइल हक ने बताया कि उनके भाई जियाउल हक को गोरखपुर के एक एजेंट के जरिये 25 मार्च, 2025 को दुबई भेजा गया था। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा कमाकर घर संभालेगा, लेकिन वहां पहुंचते ही हालात बदल गए। न तय वेतन मिला, न समय पर खाना। जब उसने काम छोड़ने की बात कही तो मालिकों ने उसे डराया-धमकाया और झूठे मामले में फंसा कर जेल भिजवा दिया, तब से वह जेल में बंद है।
घर में बीमार पिता और पूरा परिवार बेटे की सलामती को लेकर डरा हुआ है। मां हर वक्त दरवाजे पर नजरें टिकाए रहती हैं। एजेंट भी अब कोई मदद नहीं कर रहे, जिससे परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
शुक्रवार को परिजन तहसील पहुंचे और एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर बेटे की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई। एसडीएम डॉ. अवनीश कुमार ने बताया कि मामले में मंत्रालय और दूतावास से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।