घटना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने वन माफिया और वन्यजीव तस्करों के खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ था, जिसके तहत थाना सिंगाही पुलिस, अपराध शाखा व वन विभाग की संयुक्त टीम ने मामले में कार्यवाही करते हुए मुखबिर की सूचना पर पांच अभियुक्तों दिलीप पुत्र टीकाराम, गुड्डू पुत्र नौखे, टीकाराम पुत्र स्वर्गीय पोथी, इतवारी पुत्र बालकराम और मंजीत पुत्र हरद्वारी को गिरफ्तार कर लिया। सभी तस्कर तकियापुरवा गांव थाना तिकुनिया के रहने वाले हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व के बेलरायां रेंज के वन विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि तकियापुरवा गांव के कुछ लोग बाघ की खाल छिपाकर उसे बेचने की फिराक में हैं। सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने एसएसबी जवानों के साथ गांव में छापेमारी कर सोमदेव और विनोद को पकड़ लिया था। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर बाघ की खाल बरामद की गई थी। खाल एक वयस्क बाघ की थी, जिसका ताजा शिकार किया गया था।