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पहले ही दिन बच्चों के हक पर चलाई कैंची

Mon, 04 Jul 2016 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
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mango - फोटो : amar ujala
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स्कूलों मेें बच्चों को एक-एक आम तो कहीं बांटा केला
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फल वितरण के लिए 2.89 करोड़ बजट मिला
चार रुपये प्रति बच्चे की दर से खरीदे जानेे थे फल
नहीं हुआ प्रचार-प्रसार, गिनती के पहुंचे बच्चे
मध्याह्न भोजन योजना के तहत स्कूलों में सोमवार को बच्चों को एक-एक आम तो कहीं केला बांटा गया, लेकिन पहले ही दिन बच्चों के हक पर कैैंची चला दी गई। खासकर नगर क्षेत्रों में एमडीएम का वितरण करने वाले एनजीओ ने फल वितरण में धांधली की हैै। वितरण के मानकों को ठेंगा दिखाते हुए छोटे साइज का एक-एक सफेदा आम बांटा गया। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में आम के अलावा कहीं-कहीं केला बांटा गया। प्रचार-प्रसार के अभाव मेें योजना शुरू होने के पहले दिन बच्चों की संख्या काफी कम रही। डीएम के निर्देशों के बावजूद निगरानी में कर्मचारियों ने ढिलाई बरती।
बता दें कि चार रुपये प्रति बच्चे की दर से फलों का वितरण कराने के लिए शासन से जिले को दो करोड़ 89 लाख 97 हजार धनराशि दी गई, जो कुल छात्र संख्या के मुकाबले 50 फीसदी है। इससे दिसंबर तक प्रत्येक सोमवार को फलों का वितरण कराया जाएगा। पहले दिन सदर प्राथमिक विद्यालय में मात्र 10 बच्चे ही उपस्थित हुए, जिन्हें एमडीएम वितरण करने वाले एनजीओ संतराम मेमोरियल एजूकेशनल वेलफेयर दिल्ली ने एक-एक सफेदा आम बांटा। उच्च प्राथमिक विद्यालय सदर में आठ बच्चे ही उपस्थित थे, जिन्हें इसी एनजीओ ने एक-एक आम दिया। एमडीएम में बांटी गई तहरी की गुणवत्ता ठीक नहीं होने से बच्चों ने उसे नहीं खाया। प्रधानाध्यापक जहरा शाहनाज सिद्दीकी ने बताया कि सुबह बारिश होने की वजह से छात्र कम आए। 
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सोमवार को बच्चों को फल बांटे गए हैैं। योजना का पहला दिन होने के कारण जल्दबाजी में कुछ अव्यवस्था हुई है, जिसे अगले सोमवार तक ठीक करा लिया जाएगा। 
-सूरज तिवारी, व्यवस्थापक, संतराम मेमोरियल 

जिले के 3940 विद्यालयों में एमडीएम योजना संचालित है, जिनमें फल का वितरण किया गया है। पहले दिन बच्चों की उपस्थिति की संख्या की रिपोर्ट संकलित की जा रही है, जिसके कंपाइल होने पर तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। 
-रितुराज सिंह, जिला समन्वयक, एमडीएम 
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