लखीमपुर खीरी। संक्रामक बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिले में दस दिवसीय डोर टू डोर अभियान चला। इस दौरान टीमों ने 728415 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें 2651 लोग बुखार से तपते मिले तो वहीं 282 लोग मलेरिया से पीड़ित मिले। उधर, 45 साल से अधिक 186258 लोग अब तक वैक्सीनेशन से तो 12037 बच्चे और 4644 गर्भवती महिलाएं नियमित टीकाकरण से वंचित मिली हैं।
कोरोना काल में संक्रामक रोग लोगों के साथ स्वास्थ्य महकमे के लिए मुसीबत बन रहे हैं। इनकी रोकथाम के लिए जिले भर में सात से 16 सितंबर तक 10 दिवसीय खोजी अभियान चला। इस दौरान करीब 1341 टीमों ने घर घर जाकर सर्दी, जुकाम, बुखार, टीबी सहित कोविड एवं नियमित टीकाकरण से वंचित दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को खोजना शुरू किया। दस दिन की रिपोर्ट बेहद चौंकाने वाली रही है। रिपोर्ट के अनुसार 728415 घरों का सर्वे हुआ। इसमें 2651 बुखार, 282 लोग मलेरिया से पीड़ित मिले। वहीं 45 साल से अधिक 186 258 लोग कोरोना की पहली डोज से तो दो साल तक के 12037 बच्चे एवं 4644 गर्भवती महिलाएं नियमित टीकाकरण से वंचित मिली। विभागीय लोगों का कहना है कि जो लोग बुखार से पीड़ित मिले हैं उनकी कोरोना, डेंगू और मलेरिया की जांच कराई जा रही है, जिससे बीमारी का पता लगने पर उनका इलाज शुरू किया जा सके।
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अभियान के दौरान कई लोग बुखार सहित कुछ अन्य बीमारियों के संदिग्ध मिले हैं। जिनकी जांच कराई जा रही है, जिसके बाद ही बीमारियों का पता चल सकेगा। तभी बता पाना संभव होगा कि किस बीमारी से कितने लोग पीड़ित मिले हैं।
-डॉ.शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ