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Lakhimpur Kheri News: पहले दिन मादा गैंडा रिद्धी रेडियो कॉलर से आजाद

Fri, 19 Dec 2025 11:25 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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दुधवा में मादा गैंडा रिद्धी को बेहोश कर रेडियो कॉलर निकालते पशु चिकित्सक। स्रोत : वन विभाग
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बांकेगंज। रेडियो कॉलर को निकालने के अभियान के पहले दिन शुक्रवार को पशु चिकित्सकों ने मादा गैंडा रिद्धी को बेहोश कर उसके गले में लगे रेडियो कॉलर को निकाला। दुधवा टाइगर रिजर्व की पुनर्वासन योजना फेज एक में सौर उर्जा चालित बाड़ में पल रहे एक नर और तीन मादा गैंडों को स्वछंद विचरण के लिए दिसंबर 2024 के अंतिम सप्ताह में जंगल में छोड़ा गया था।
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उनकी गतिविधियों और लोकेशन का पता लगाने के लिए सभी गले में रेडियो कॉलर लगाया गया था। एक साल बाद टाइगर रिजर्व ने प्रशासन ने आसाम गुवाहाटी विश्वविद्यालय के मशहूर पशु चिकित्सक एवं पद्मश्री डॉ. केके शर्मा के नेतृत्व में गठित पशु चिकित्सकों की टीम के साथ काॅलर निकालने के लिए शुक्रवार से तीन दिवसीय अभियान शुरू किया।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि इस अभियान के पहले दिन दो गैंडों के गले से कॉलर निकालने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन पहले दिन घने कोहरे और दोपहर के बाद ही जंगल में अंधेरा होने से पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा मादा गैंडा रिद्धी को ही बेहोश कर गले से कॉलर निकाला जा सका। इसके बाद उसे होश आने पर फिर आजाद किया गया। एफडी ने बताया कि दूसरे दिन मौसम अनुकूल रहने पर दो गैंडों के गले से कॉलर निकालने की कोशिश की जाएगी।
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-हाथियों ने रौंदी फसल

मझगई। गुलरा चौकी के गांव कंदरहिया में पहुंचे हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने किसानों की फसल को अपने पैरों तले रौंदकर नष्ट कर दिया। पीड़ित किसान कल्लू ने बताया कि रात हाथियों के झुंड ने करीब एक एकड़ गन्ने की फसल नष्ट कर दी। इस दौरान झुंड ने खेत में जानवरों को बचाने के लिए बने छप्परनुमा घरों को भी नष्ट कर दिया। ग्रामीणों ने हाथियों को खदेड़ने की मांग की है। संवाद
रेलवे लाइन के पास मिला अजगर, रेस्क्यू



पलिया। अतरिया रेलवे क्रॉसिंग के पास एक बड़े अजगर को देख लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी होने पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। इसकी सूचना वन विभाग मुख्यालय को दी गई। जिस पर मुख्यालय की तरफ से अजगर को पकड़ने के लिए नजरुन निशा को मौके पर भेजा गया। उन्होंने अजगर को पकड़कर दुधवा जंगल में छोड़ दिया है। संवाद
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