लखीमपुर खीरी। बरसात के सीजन में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती है। इससे हर वर्ष कई लोगों की जान चली जाती है। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए आपदा विभाग ने एडवाइजरी जारी की है, ताकि लोग सुरक्षित रहें।
जिला आपदा विशेषज्ञ अंकित कुमार राज ने बताया कि सांपों की तमाम प्रकार की प्रजातियां हैं, जिसमें कुछ तो जहरीले तो कुछ में जहर नहीं होता है। वैसे तो सांपों से हमेशा खतरा रहता है, लेकिन बरसात में खतरा बढ़ जाता है। बारिश में जगह-जगह जलभराव होने से सांप सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए घरों व अन्य जगह छिप जाते हैं, जिसके संपर्क में आने से सर्पदंश की घटना हो जाती हैं।
उन्होंने बताया कि अगर किसी को सांप काट ले तो उस जगह को साबुन व पानी से धो लें। दांत के निशान की जांच करें। देखें कि दो दंत के निशान तो नहीं। काटे हुए अंग को हृदय के लेवल से नीचे और अंग को स्थिर रखें। घायल व्यक्ति को साहस बधाएं। घबराहट से हृदय गति तेज चलने से रक्त संचरण तेज हो जाएगा और जहर सारे शरीर में फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
मुंह से कटे हुए स्थान को न चूंसे। भय एवं चिंता न करें। सभी सांप जहरीले नहीं होते हैं। सर्पदंश की घटना होने पर झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ेंं, सीधे नजदीकी अस्पताल में पहुंचे। काटे स्थान पर बर्फ या गर्म पदार्थ का इस्तेमाल न करें। काटे स्थल पर चीरा न लगाएं, यह आगे नुकसान पहुंचाता है। घायल को चलने से रोकें।