ज्ञानपुर गांव में घटना स्थल के पास तालाब किनारे वन कर्मियों ने तेंदुआ पकड़ने को लगाया पिंजरा-सं
महेवागंज। ज्ञानपुर गांव के किनारे पिता के पास सो रहे बच्चों को खींचकर ले जाने के बाद तेंदुए द्वारा मारने की घटना से ग्रामीणों में दहशत है। वन अधिकारियों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए रणनीति बनाई है। गश्त के लिए टीम बनाई गई थी। वन कर्मियों का मानना है कि हिंसक जानवर फिर गांव का रुख कर सकता है।
घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत और गुस्सा देखा जा रहा है। विभागीय लापरवाही, मुआवजा और जानवर को तत्काल पकड़ने की मांग को लेकर रविवार शाम गांव के सामने लखीमपुर-पलिया हाईवे पर काफी लोग पहुंचे।
ग्रामीणों ने कहा कि घर के नजदीक तलैया के पास पिंजरा रखकर वन कर्मी चले गए, लेकिन दहशत में लोग खेतों में नहीं जा पा रहे हैं। गांव में बच्चे डरे और सहमे हैं। रात में गश्त करने की मांग की। वन अधिकारियों ने भरोसा दिया। इस पर ग्रामीण शांत हुए।
हालांकि कुछ लोग बाघ तो कुछ तेंदुआ का हमला बता रहे है। वन विभाग तेंदुआ का हमला मान रहा है। रेंजर गोला संजीव तिवारी ने बताया कि लैपर्ड का हमले में बच्चे की मौत हुई है। पिंजरा लगाया गया है। लोकेशन ट्रेस की जा रही है। वन कर्मी निगरानी कर रहे है। लोगों को सचेत रहने को कहा जा रहा है।
ज्ञानपुर गांव में घटना स्थल के पास तालाब किनारे वन कर्मियों ने तेंदुआ पकड़ने को लगाया पिंजरा-सं