फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: खाद की किल्लत से हलकान किसान, आंदोलन की चेतावनी

विज्ञापन
मझगईं के बम्हनपुर में प्राइवेट खाद की दुकान पर लगी भीड़। संवाद
विज्ञापन
निघासन। प्रशासन की ओर से पर्याप्त खाद होने के दावों की सच्चाई निघासन कस्बे में किसानों की लंबी लाइनें और खाली हाथ लौटते चेहरों से साफ झलक रही है। किसानों को न तो समय पर खाद मिल पा रही है और न ही केंद्रों पर कोई स्पष्ट जवाब। स्थिति यह है कि किसान सुबह से शाम तक लाइन में लगे रहते हैं, लेकिन कई बार उनका नंबर आने से पहले ही खाद खत्म का ऐलान कर दिया जाता है।
विज्ञापन

सोमवार को सिंगाही रोड स्थित बी-पैक्स केंद्र और क्रय-विक्रय समिति के साथ-साथ कस्बे के चारों इफको केंद्रों पर खाद की भारी किल्लत देखने को मिली। बी-पैक्स केंद्र के बाहर कतार में खड़े किसानों में आक्रोश साफ नजर आया। किसानों का कहना है कि जब गोदामों में ही खाद नहीं है तो वितरण कैसे होगा।


चार दिन से लाइन में लग रहा हूं, आज भी खाली हाथ लौटा
झंडी क्षेत्र के करमूपुरवा निवासी किसान इसरार खां ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं। सोमवार को उनका नाम सूची में 162वें नंबर पर था, लेकिन उनके नंबर से पहले ही खाद खत्म हो गई। कस्बे के सुंदरलाल ने कहा कि रोज लाइन में खड़े होते हैं, लेकिन केंद्र पर कोई जवाबदेही नहीं है। कर्मचारी सीधे मुंह बात तक नहीं करते।
विज्ञापन




बड़े लोगों को ताला खोलकर खाद, हमसे कहा जाता है खत्म हो गई
नानकनगर निवासी उत्तम कुमार ने आरोप लगाया कि आम किसानों को लाइन में लगाकर टरकाया जाता है, जबकि रसूखदारों को सीधे गोदाम का ताला खोलकर खाद दे दी जाती है। वहीं चंद्रगुप्त नगर के अधिवक्ता अनूप कुमार ने बताया कि वे रोज तहसील से निपटने के बाद बी-पैक्स खाद केंद्र पहुंचते हैं, लेकिन चार दिनों से उन्हें भी खाद नहीं मिल सकी है।



ऊपर से ही गड़बड़ है सिस्टम, नीचे वाले क्या कर लेंगे
लाइन में लगे किसानों का कहना है कि असली गड़बड़ सिस्टम के शीर्ष स्तर पर है। जब गोदामों में ही खाद नहीं पहुंच रही है, तो वितरण केंद्रों पर किसान कब तक उम्मीद लगाए बैठे रहेंगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन तय : किसान
किसानों ने चेताया है कि यदि जल्द खाद की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे सामूहिक रूप से धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि खेती का समय है, ऐसे में खाद न मिलना फसल को नुकसान पहुंचा सकता है।



दिनभर लाइन में लगे रहे, शाम को बिना यूरिया लिए लौटे किसान
मझगईं। बम्हनपुर में एक प्राइवेट लिमिटेड दुकान पर सुबह चार बजे से किसानों की लाइन लगनी शुरू हो गई। सुबह दस बजे के बाद दुकान पर एक स्लिप चस्पा कर दी गई, जिसमें लिखा था कि बिना पुलिस की उपस्थिति में यूरिया नहीं मिलेगी। किसान रामशरण, हरपाल सिंह, सुखविंदर सिंह, प्रहलाद, सुरेश, जगजीत आदि ने बताया कि दुकानदार से जानकारी ली गई तो उन्होंने पुलिस के आने पर ही यूरिया का वितरण करने की बात कही। इससे दूरदराज से आए किसान लाइन में लगकर खाद मिलने का इंतजार करते रहे। किसानों का आरोप है कि देर शाम तक वितरण शुरू नहीं किया जा सका। बताया जाता है कि पुलिस-प्रशासन पूरा दिन कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था में व्यस्त रहा। इस कारण फोर्स नहीं नहीं आ सका। संवाद

मझगईं के बम्हनपुर में प्राइवेट खाद की दुकान पर लगी भीड़। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें