मैगलगंज। हाल ही में मैगलगंज क्षेत्र में उड़ते ड्रोन को देखकर ग्रामीणों के बीच चर्चा का माहौल गर्म है। कई इलाकों में लोगों ने आशंका जताई कि यह ड्रोन किसी आपराधिक मंशा से उड़ाए जा रहे हैं। पूर्व में क्षेत्र में हुई चोरियों और लूटपाट की घटनाओं के कारण ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यह ड्रोन चोरों या लुटेरों द्वारा रेकी (जासूसी) के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
हालांकि इस संबंध में जब मैगलगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार पाण्डेय से बात की गई, तो उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए स्पष्ट किया कि ये ड्रोन भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन ‘भारतीय सर्वेक्षण विभाग’ द्वारा उड़ाए जा रहे हैं। यह विभाग देश की नेशनल मैपिंग एजेंसी है, जो मैपिंग एवं सर्वे का कार्य करती है। इन ड्रोन का उद्देश्य केवल प्रशासनिक सीमाओं की मैपिंग एवं छोटी नदियों, जल स्रोतों, भूमि आदि की सटीक जानकारी जुटाना है। इनसे डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।
ड्रोन को देखकर रहा अफवाहों का जोर
ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के दर्जनों गांव में रंगीन लाइट वाले ड्रोन की दहशत इस कदर फैली हुई है कि लोग लाठी-डंडे लेकर रात जागकर बिता रहे हैं। पुलिस गांव में जाकर ग्रामीणों को समझने में लगी है। कस्बा ममरी, अजान, देउवापुर, बगहा, कोरैया, कैमहरी, हयातपुर, जडौरा, काजर कोरी, तेंदुआ, अयोध्यापुर, सुंदरपुर, पिपरिया, परसेला आदि गांव के ग्रामीणों का कहना है कि रात में रंगीन लाइट आबादी वाले क्षेत्र में देखने को मिल रही है। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीणों की सूचना पर अयोध्यापुर गांव पहुंचे थाना अध्यक्ष सुनील मलिक ने इसे महज अफवाह बताते हुए गांव वालों को शांत किया। कहां कि जो भी इस तरह की अफवाह फैलाता पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। संवाद