सीडीओ की भी किसानों ने नहीं सुनी, बोले- भुगतान होगा तब देंगे गन्ना
सहकारी गन्ना समिति परिसर के मुख्य गेट पर ताला डालकर बैठे हैं किसान
पलियाकलां। बकाया गन्ना भुगतान को लेकर रविवार को किसानों की तरफ से समिति में ताला जड़कर शुरु किया गया धरना दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा। किसान अपनी मांगो को लेकर अड़े रहे तो शाम को सीडीओ ने भी किसानों को मनाने की कोशिश की पर नाकाम रहे।
रविवार को बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने सहकारी गन्ना समिति परिसर के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया था। किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान दिए जाने, नए पेराई सत्र का कितने दिनों में भुगतान होगा आदि को सुनिश्चित किए जाने को लेकर धरना शुरू किया था, जो दूसरे दिन भी जारी रहा।
किसानों का कहना है कि मिल पर करोड़ों रुपये का बकाया है। हर बार पेराई सत्र का शुभारंभ कर मिल शुरू कर दी जाती है और बकाया भुगतान ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। किसान नेताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक संपूर्ण भुगतान नहीं होगा कोई भी किसान मिल को अपना गन्ना नहीं देगा। सोमवार को भी किसानों के धरना प्रदर्शन के मद्देनजर बड़ी संख्या में पूरे मिल परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। उधर, देर शाम सीडीओ ने भी पहुंचकर किसानों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन गन्ना भुगतान न होने पर गन्ना न देने की बात किसानों ने उनसे भी कही है।
बकाया गन्ना भुगतान न मिलने से किसानों का गुस्सा आसमान पर
गोला गोकर्णनाथ। बजाज ग्रुप की चीनी मिलों द्वारा बकाया गन्ना भुगतान न दिए जाने से जिले भर के गन्ना किसान आंदोलन कर रहे हैं। उधर, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा ने एक दिसंबर को सहकारी गन्ना विकास समिति में ताला जड़ने की चेतावनी दी है।
किसान नेता श्रीकृष्ण वर्मा ने कहा कि बजाज चीनी मिल गोला यदि 30 नवंबर तक पिछले वर्ष का गन्ना भुगतान नहीं करती हैं तो तीन दिसंबर से चीनी मिल का चक्का जाम किया जाएगा। इससे पहले एक दिसंबर को सहकारी गन्ना विकास समिति में तालाबंदी की जाएगी।
बताया कि मिल में 30 नवंबर तक पिछले पेराई सत्र का पूरा गन्ना भुगतान करने का लिखित वादा किया था, लेकिन पिछले सत्र का अब तक 23 दिसंबर तक का ही भुगतान किया है। यदि 30 नवंबर तक पिछले सत्र का संपूर्ण भुगतान नहीं किया गया तो किसान एक दिसंबर को सहकारी गन्ना विकास समिति में तालाबंदी कर देंगे और तीन दिसंबर को चीनी मिल को गन्ना सप्लाई नहीं देंगे।
साथ ही मिल का चक्का जाम कर देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बजाज चीनी मिल और गन्ना समिति के सचिव की मिलीभगत से दो दिसंबर की पर्चियां निकलने के बाद आगे के पक्ष और कालम की पर्चियां बैक डेट में निकालकर चीनी मिल में गन्ना वाहनों की भीड़ इकट्ठी कर दी गई है, जिससे जाम लग रहा है। इसका मकसद कि चीनी मिल द्वारा किसानों को उलझाना है।