रिजेक्ट वैरायटी के लिए पर्चियां वापस करने और डिफर न मिलने से नाराज हैं किसान
बीएचएल चीनी मिल में किसानों ने सोमवार को विरोध स्वरूप तोल ठप कर दी। किसान चीनी मिल के उस फरमान से नाराज हैं जिसमें कहा जा रहा है कि रिजेक्ट वैरायटी के गन्ने की आपूर्ति के लिए जारी पर्चियों को वापस कर नई पर्चियां लेने को कहा गया है। इसके साथ ही अभी तक डिफर भुगतान न किए जाने पर भी उन्होंने विरोध जताया।
गन्ना समिति चेयरमैन विकास कपूर, वाइस चेयरमैन फरजंद अली बुंदु मियां के नेतृत्व में पहुंचे सैकड़ों किसानों ने चीनी मिल में तोल ठप कर दी। किसान नेताओं का कहना है कि चीनी मिल ने कहा था 92423 रिजेक्ट वैरायटी को वह मिल शुरुआत के दस दिन बाद लेंगे और इसके साथ ही 1424 सामान्य वैरायटी में आने वाले गन्ने को पानी ज्यादा होने के कारण इसी के साथ लेने को कहा था। जिस पर मंजूरी दे दी गई लेकिन अब मिल ने नया अड़ंगा डाल दिया है। इसमें मिल की ओर कहा गया है कि रिजेक्ट वैरायटी के लिए जारी हो चुकी सामान्य पर्चियों को किसान यहां आकर वापस करें फिर उनको रिजेक्ट वैरायटी की नई पर्चियां जारी की जाएंगी और फिर तोल होगी। कहना है कि किसान नोट बंदी से बुरी तरह से परेशान हैं और बैंकों में दूर दराज से आकर अपने नोट बदलवाने में लगे हुए हैं। ऐसे में किसान यहां कैसे आएंगे। अगर यही करना था तो मिल शुरू होने पर पर्चियां ही रिजेक्ट की जारी करनी चाहिए थी। कहा कि मिल को यह गन्ना उन्हीं पर्चियों पर लेना चाहिए और लाल कार्ड लगा दें। जिससे वह खुद रिजेक्ट में आ जाएगी। बताया कि इस इलाके में पहले यही वैरायटी पूरी तरह से बोई जाती थी और इसे खत्म करने में काफी समय लगेगा। तमाम खेतों में इसके अलावा और कोई गन्ना नहीं चलता है। कहा कि यह मिल की अड़ंगेबाजी है। किसानों का कहना है कि मिल की ओर से कहा गया था कि डिफर भुगतान नवंबर तक होगा लेकिन अभी तक एक ढेला भी नहीं दिया गया है। किसानों ने यहां सोमवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे से तोल ठप कर रखी है और देरशाम तक कोई भी मिल अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा था। किसानों ने प्रदर्शन और नारेबाजी भी की। किसानों का कहना है कि तोल तब तक बंद रहेगी जब तक उन्हीं पर्चियों पर गन्ना नहीं तुलता है और जब तक डिफर का भुगतान शुरू नहीं होता है। इस दौरान सुखदेव सिंह, तरसेम सिंह, रामनरेश, सिराजुददीन, जीवन सिंह, कर्मजीत सिंह प्रधान, गुरदेव सिंह, संतोख सिंह आदि सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
चीनी मिल अधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। किसान परेशान न हों।- शादाब असलम, एसडीएम